OMG: पहले नाबालिग को देख घुसा घर में, फिर मौका देख बनाया दुष्‍कर्म का शिकार, अब न्यायालय ने सुनाई 12 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

पहले नाबालिग को देख घुसा घर में, फिर मौका देख बनाया दुष्‍कर्म का शिकार, अब न्यायालय ने सुनाई 12 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

OMG: पहले नाबालिग को देख घुसा घर में, फिर मौका देख बनाया दुष्‍कर्म का शिकार, अब न्यायालय ने सुनाई 12 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

शाजापुर। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शुजालपुर के द्वारा आरोपी अर्जुन पिता सोदानसिंह अहिरवार उम्र 28 वर्ष निवासी इमलीखेडा कालापीपल जिला शाजापुर को धारा 450 भादवि में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपयें अर्थदण्‍ड तथा धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम- 2012 में 12 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपयें के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया। आरोपी द्वारा जुर्माने की रकम जमा करने पर अपीलावधि पश्‍चात पीडिता को प्रतिकर स्‍वरूप न्‍यायालय द्वारा दिलवाये जाने का आदेश भी दिया गये।   

सहा. जिला मीडिया प्रभारी संजय मोरे अति. डीपीओ शुजालपुर ने बताया कि, घटना दिनांक 22/08/2019 को दोपहर के करीब 2 बजे  पीडिता के पिता मजदूरी करने खेत पर तथा छोटा भाई स्‍कूल गया था। पीडिता घर पर अकेली थी, घर का दरवाजा खुला था। पीड़िता मोबाइल पर मूवी देख रही थी तभी आरोपी अर्जुन पिता सोदन सिंह अहिरवार एकदम से उसके घर में घुस गया ओर बुरी नियत से झूमा झटकी कर उसे जमीन पर पटक दिया।

जब पीडिता चिल्‍लाई तो आरोपी ने एक हाथ से उसका मुंह दबा दिया तथा उसके साथ जबरन गलत काम किया ओर जाते-जाते पीडिता से बोला कि अगर यह बात किसी से कहेगी तो इज्‍जत खराब होगी। इसलिए किसी से यह बात मत कहना। फिर इतने में पीडिता का छोटा भाई आ गया और वह पीड़िता के पिता को जंगल से बुलाकर लाया।  पीडिता ने घटना अपने पापा, जीजा, मामा को बताई।

उक्‍त घटना की रिपोर्ट पीडिता ने थाना कालापीपल पर लेखबद्ध करवायी। जिस पर से थाने के द्वारा  अपराध पंजीबद्ध कर बाद अनुसंधान चालान सक्षम न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया। अभियोजन की ओर से पीडिता, साक्षीगण, डॉंक्‍टर, विवेचक एवं सभी आवश्‍यक गवाहों के बयान करवाकर न्‍यायालय में अतिंम तर्क प्रस्‍तुत किये गये।

उक्‍त प्रकरण में अभियोजन की ओर से उपसंचालक ‘’अभियोजन’’ शाजापुर सुश्री प्रेमलता सोलंकी के मार्गदर्शन में पैरवी संजय मोरे अति.जिला लोक अभियोजन अधिकारी शुजालपुर द्वारा की गई।