COURT:  न्यायालय के आदेश का नहीं किया पालन, अमानत में खयानत करने पर सुनाई ये सजा

  न्यायालय के आदेश का नहीं किया पालन, अमानत में खयानत करने पर सुनाई ये सजा

COURT:  न्यायालय के आदेश का नहीं किया पालन, अमानत में खयानत करने पर सुनाई ये सजा

नीमच। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मान. डॉ. मनोज कुमार गोयल जिला नीमच द्वारा सुपुर्दगी में दिये गये पलंग व डबल बेड न्यायालय में प्रस्तुत नहीं करने वाले आरोपी सतीश पिता गंगाराम शर्मा, उम्र-49 वर्ष, निवासी नया बाजार बघाना, जिला-नीमच म.प्र. को 06 माह का कारावास एवं 500 रू. जुर्माने से दण्डित किया।

एडीपीओ विपिन मण्डलोई द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना दिनांक 04.07.2016 की है। आरोपी सतीश द्वारा व्यवहार न्यायाधीश वर्ग एक के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश मान. मनोज कुमार राठी, नीमच के न्यायालय में लंबित प्रकरण क्रमांक 25बी/2012-12 में न्यायालय द्वारा जारी कुर्की वारण्ट के पालन में कुर्कशुदा लकड़ी के पलंग व डबल बेड को आरोपी द्वारा सुपुर्दगी में लिया गया एवं न्यायालय के द्वारा उक्त संपत्ति को प्रस्तुत करने का आदेश प्रदान करने के उपरांत भी आरोपी द्वारा संपत्ति को न्यायालय में प्रस्तुत न कर अमानत में खयानत कर अपराधिक न्यायभंग किया था। जिस पर आरोपी के विरूद्ध थाना बघाना में अपधाध क्रमांक 131/2016, धारा 406 भादवि में पंजीबद्ध किया। शेष विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन द्वारा न्यायालय में अपराध को प्रमाणित कराकर आरोपी को कठोर दंड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया। जिस पर से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मान. डॉ. मनोज कुमार गोयल जिला नीमच द्वारा आरोपी को धारा 406 भादवि के अंतर्गत 06 माह के कारावास एवं 500 रू. जुर्माने से दण्डित किया गया।