NEWS:सुखानंद से संदिग्ध हालत में साधु नीमच रैफर,साँस लेने में तकलीफ की शिकायत,हिस्ट्री निकली भीलवाड़ा,निम्बाहेड़ा की,पढ़े खबर

सुखानंद से संदिग्ध हालत में साधु नीमच रैफर,साँस लेने में तकलीफ की शिकायत,हिस्ट्री निकली भीलवाड़ा,निम्बाहेड़ा की,पढ़े खबर

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नीमच।(राजू नागदा,दास्सा) जावद तहसील के सुखनाद से आज एक साधु की तबियत बिगडऩे पर जावद अस्पताल लाया गया था। जहां से उसकी हालत ज्यादा खऱाब होने पर उसे नीमच जिला अस्पताल के लिए रैफर किया है। बताया जा रहा है कि नीमच रैफर साधु को साँस लेने में तकलीफ हो रही है। ऐसे में जावद से उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लाकर भर्ती कराया गया।

ये मामला संदिग्ध इसलिए माना जा रहा है क्योंकि ये साधु पैदल ही भीलवाड़ा से सुखानंद तक आ पंहुचा है। जहां से बाद में वह पैदल ही कनेरा घाट पर स्थित किसी मठ पर जा रहा था। तभी वहां लगी पुलिस ने इसे देखा तो पूछताछ करने पर उसने खुद को सांस लेने मेें हो रही तकलीब के बारे में बताया। जिसके बाद उसे तुरंत पहले जावद व बाद में नीमच के जिला अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड लाया गया। जहां उसका उपचार शुरू कर दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार साधु का नाम धर्मेन्द्र पिता सुरेशचंद्र कुमावत २५ साल के है। जो मूलत: ग्राम बंजारी देवली तहसील महिदपुर जिला उज्जैन निवासी है। वहीं इनकेे पास इस पते का आधार कार्ड भी मौजूद है। वहीं धर्मेन्द्र महाराज ने पांच साल की उम्र से संत बन गये थे। जिसके बाद से वह राजस्थान के भीलवाड़ा शाहपुरा के पास स्थित संत निर्भयरामजी के मठ ही रह रहे था। धर्मेन्द्र महाराज लॉक डाउन लगने के एक दिन पूर्व ही भीलवाड़ा से पैदल ही निकला था जहां से आने के बाद वह चार से पांच दिन निम्बाहेड़ा रुका तथा बाद में वहां से पैदल चलते हुए सुखानंद धाम जावद में हरिराम महाराज के वहां रहे। इसी बीच अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें सांस लेने मेें तकलीब होने के साथ ही पूरे शरीर में खींचाव महसूस होने लगा।

जिसकेे बाद उन्होंने फोन पर सम्पर्क कर यह बात कनेरा घाट स्थित किसी मठ पर रह रहे उनकेे काका गुरू मगनीराम को बताई जिनकी की अभी तबीयत खराब चल रही है। जिस पर मगनीराम महाराज ने इन्हें अपने पास बुला लिया। जहां आने केे लिये यह मंगलवार को निकले ही थे कि कनेरा घाट अठाना चौराहे पर लगी जावद पुलिस ने इन्हें रोका। जहां से बाद में इन्हें जिला चिकित्सालय स्थित आइसोलेशन वार्ड भेजा गया। जहां स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें अपनी निगरानी में लेकर आइसोलेट कर दिया है।