BIG NEWS: 10 परिवार और 100 मजदूर, रोजी रोटी का जरियां महज ईट भट्टा, नोटिस आने के बाद हो गई राते काली, तहसीलदार और एसडीओं को जानकारी नहीं, तो क्या... बाबू फैला रहा गांव में दहशत !... मामला गांव बरखेड़ा चौहान का, फिर सांसद गुप्ता उतरे मैदान में, पढ़े खबर

10 परिवार और 100 मजदूर, रोजी रोटी का जरियां महज ईट भट्टा, नोटिस आने के बाद हो गई राते काली, तहसीलदार और एसडीओं को जानकारी नहीं, तो क्या... बाबू फैला रहा गांव में दहशत !... मामला गांव बरखेड़ा चौहान का, फिर सांसद गुप्ता उतरे मैदान में, पढ़े खबर

BIG NEWS: 10 परिवार और 100 मजदूर, रोजी रोटी का जरियां महज ईट भट्टा, नोटिस आने के बाद हो गई राते काली, तहसीलदार और एसडीओं को जानकारी नहीं, तो क्या... बाबू फैला रहा गांव में दहशत !... मामला गांव बरखेड़ा चौहान का, फिर सांसद गुप्ता उतरे मैदान में, पढ़े खबर

नीमच। जिले के एक गावं में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने गांव में रहने वाले 10 परिवारों और करीब 100 मजदूरों को दहशत में डाल दिया है। यह सभी लोग दिन तो क्या, रात में भी चैन की नींद नहीं निकाल पा रहे है। इस मामले को लेकर सांसद ने मौके पर पहुंच मामले के संबंध में जानकारी ली। जिसके बाद जिला कलेक्टर को मामले की जानकारी देते हुए जल्द से जल्द निराकरण करने की बात कही है। 

जी हां, हम बात कर रहे है नीमच जिले की ग्राम पंचायत आमलीभाट के ग्राम बरखेड़ा चौहान की। इस गांव में प्रजापति और आदिवासी समाज के 10 परिवार ऐसे है, जो पिछले करीब 30 से 35 सालों से गांव में ईट भट्टे संचालित करते है। जिससे गांव के 10 परिवारों के साथ यही के करीब 100 मजदूरों का भरण पोषण हो रहा है। लेकिन बीते दिनों 30 मार्च को ईट भट्टों का संचालन बंद करने और उन्हे हटाने लेकर पहुंचे नोटिस ने इन सभी की रातों की नींद उड़ा दी है। 

मामले को लेकर सरवानियां महाराज निवासी डाॅक्टर रमेश मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि जावद एसडीओं कार्यालय से एक नोटिस पिछले दिनों गांव में पहुंचा, जिसमे ईट भट्टों को हटाने की बात कही गई, नोटिस पहुंचने के बाद सभी ने मिलकर गीली और सूखी ईटों को रोड़ किनारे बिछा दिया। लेकिन उन सभी के कमाने और परिवार का भरण पोषण करने का यही एक माघ्यम है, यदि ये हट जाता है, तो यह सभी लोग कैसे अपना परिवार चलाएंगे। जमी हुई ईटों को हटाने से उन सभी को लाखों रूपयों का नुकसान हुआ है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, और इन सभी की आर्थिक मदद करना चाहिए 

यह मामला जैसे ही सांसद सुधीर गुप्ता के सज्ञान में आया, तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, और ग्रामीणों से मामले के संबंध में पूरी जानकारी ली। जिसके बाद सांसद सुधीर गुप्ता गांव से रवाना होकर सीधें जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जिला कलेक्टर मयंक अग्रवाल से चर्चा की। चर्चा के दौरान सांसद गुप्ता ने इस पुरे मामले से जिला कलेक्टर अग्रवाल को अवगत कराया, और 1 से 2 दिनों में मामले की जांच और निराकरण करने की बात कही है। 

मिली धमकी, तो हो गई रात काली- 

मामले में गांव के परमेश्वर मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव में जेसीबी और डंपर से ईट भट्टों को हटानें की धमकियां आ रही है। ऐसे में ईटों को रोड़ किनारे रखा गया। महिला, बुढ़े और बच्चों ने अपनी पूरी राते काली की, उनके हाथों में छाले पड़ गए है। हमारी रोजी रोटी का जरियां केवल और केवल ईट भट्टा ही है। 

क्या एसडीओं का बाबू गांव में फैला रहा दहशत !... 

आपकों बता दें कि मीडिया से चर्चा के दौरान सांसद सुधीर गुप्ता ने बताया कि मौके पर पहुंचने के बाद एक जानकारी यह सामने आई है कि एसडीओं का बाबू पूरे गांव में दहशत फैला रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे है, और पूरी रात चैन की नींद नहीं सौ पा रहे है। 

मामले को लेकर जब सांसद गुप्ता ने तहसीलदार से जानकारी मांगी, तो तहसीलदार ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं होने का हवाला दिया। वहीं जब सांसद गुप्ता ने एसडीओं से इस संबध में पूछा, तो उसने शराब की दुकानों के पाइंट चैकिंग करने की बात कह डाली। 

हालांकि गांव में पहुंचे नोटिस, बाबू द्वारा फैलाई गई दहशत, तहसीलदार और एसडीओं की बातों में कितनी सच्चाई है। यह तो जिला मयंक अग्रवाल द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही खुलासा होगा। फिलहाल मामले को लेकर जिला कलेक्टर गंभीर नजर आ रहे है, और उनके द्वारा जांच भी शुरू कर दी गई है।