NEWS: ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन की गंभीर अनियमितता, CS-2 प्लांट से गैस रिसाव होने पर न्यायिक जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन, पढ़े बबलू यादव की खबर

ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन की गंभीर अनियमितता, CS-2 प्लांट से गैस रिसाव होने पर न्यायिक जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन, पढ़े बबलू यादव की खबर

NEWS: ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन की गंभीर अनियमितता, CS-2 प्लांट से गैस रिसाव होने पर न्यायिक जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन, पढ़े बबलू यादव की खबर

नागदा। नागदा स्थित ओद्यौगिक इकाई मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं के परिणामस्वरूप विश्व स्तर पर अतिगंभीर श्रेणी में शामिल टॉक्सिक गैस सीएसटू के प्लांट से गैस रिसाव होने की घटना दिनांक 05/01/2022 को बिरलाग्राम क्षेत्र में हुई जो फैलते हुए नागदा मंडी क्षेत्र तक पहुंच गई थी। जिसके प्रभाव में आने से रहवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। उक्त मामले में उद्योग प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाए जाने की मांग को लेकर गुरुवार दोपहर एसडीएम कार्यालय नागदा में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन कांग्रेस नेता अभिषेक चौरसिया एवं ठेका श्रमिक प्रतिनिधि अशोक मीणा के नेतृत्व में सौंपा गया।

अभिषेक चौरसिया ने बताया कि मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) बिरला ग्राम, नागदा द्वारा ओद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्धारित ऑनसाइट इमरजेंसी साइट प्लान का उल्लघंन किया गया हैं। उक्त प्रकरण में उद्योग परिसर में कार्यरत समस्त श्रमिकों एवं नागदा शहर वासियों को किसी भी प्रकार से सूचित या अलर्ट किए जाने का कदम उद्योग प्रबंधन द्वारा नही उठाया गया हैं। गैस रिसाव के दौरान उद्योग में कार्यरत सैकड़ो श्रमिको की सुरक्षा एवं जीवन से खिलवाड़ किए जाने का अवैधानिक कृत्य उद्योग प्रबंधन द्वारा किया गया हैं। 

गैस रिसाव जैसी अतिगंभीर घटना के होने के पश्चात उद्योग में कार्यरत श्रमिको को तत्काल सूचित किए जाने हेतु फायर अलार्म एवं सायरन बजाए जाने का प्रावधान हैं। जिसका उद्योग प्रबंधन द्वारा खुलेआम उल्लघंन किया गया और मौका स्थल पर कार्यरत श्रमिकों को तत्काल प्लांट परिसर से बाहर निकालने में विफल रहा हैं। यदि इस दौरान कोई बड़ी घटना प्लांट परिसर में हो जाती तो सैकड़ो परिवार तबाह हो जाते। यह परम आवश्यक जांच का विषय है कि उद्योग के सेफ्टी प्लान में आखिर कार्यरत श्रमिकों को तत्काल कार्य रोकने और प्लांट से बाहर निकलने के लिए सूचित क्यों नही किया गया।

अशोक मीणा ने बताया कि नागदा शहर की भूमि, जल और वायु को पहले ही इस उद्योग द्वारा प्रदूषित कर दिया गया हैं। विगत दो वर्ष में हजारों ठेका श्रमिकों को उद्योग से बाहर निकाल कर बेरोजगार करने का कार्य उद्योग प्रबंधन द्वारा किया गया हैं। वर्तमान में गैस रिसाव जैसी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया हैं यदि गैस रिसाव पर काबू नही पाया गया जाता तो नागदा के हजारों नागरिक जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे होते। उद्योग प्रबंधन के विरुद्ध ऐसी गंभीर घटना होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाया जाना उचित नहीं समझा गया हैं जबकि ऐसे घटना के संबंध में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करवाए जाने का प्रावधान हैं। उद्योग प्रबंधन द्वारा प्लांट में कार्यरत मजदूरों का मेडिकल करवाया जाना तक उचित नहीं समझा गया हैं। जबकि किसी भी श्रमिक को गैस रिसाव से कोई गंभीर समस्या उत्पन्न न हो इसकी जिम्मेदारी उद्योग प्रबंधन की होती हैं। 

ज्ञापन के दौरान पूर्व सांसद प्रतिनिधि सैयद रहमत अली, महिला नेत्री सुशीला जयपाल, रामहोसिला राही, गौरव सिंगोटिया, रामप्रसाद, गोलू साहनी, सुनील कालेट, राजेश बैरवा, जसवंत सिंह और मोहन तिवारी आदि मौजूद थे।