NEWS: निम्बाहेड़ा में शुरू हुआ मेला, नगर पालिका एवं प्रशासन की मिली मौन स्वीकृति, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश हुए हवा-हवा !...

निम्बाहेड़ा में शुरू हुआ मेला, नगर पालिका एवं प्रशासन की मिली मौन स्वीकृति, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश हुए हवा-हवा !...

NEWS: निम्बाहेड़ा में शुरू हुआ मेला, नगर पालिका एवं प्रशासन की मिली मौन स्वीकृति, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देश हुए हवा-हवा !...

निम्बाहेड़ा। वैश्विक महामारी कोरोना की प्रथम एवं द्वितीय लहर की भयावहता का दंश झेल चुकी निम्बाहेड़ा नगर की जनता वर्तमान में मौसमी बीमारी डेंगू से पीड़ित है। एक अनुमान के अनुसार क्षेत्र के लगभग हर घर में कोई ना कोई वर्तमान में इस मौसमी बीमारी की चपेट में होकर बड़े शहरों के चिकित्सालयों में उपचार ले रहे हैं। ऐसे में स्थानीय नगर पालिका एवं प्रशासन जनहित के कार्यों को दरकिनार करते हुए अपनी ही राज्य सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन एवं जिला प्रशासन के निर्देशों को धत्ता बताने पर तुला हुआ है। 

मामला है चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा उपखण्ड का, जहां एक और तो कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के चलते राष्ट्रीय दशहरा मेला को निरस्त कर दिया गया। वहीं स्थानीय नगर पालिका ने मात्र "रेवेन्यू" कमाने के लिए बस स्टैंड के समीप आतिशबाजी मार्केट वाले स्थान पर एक ट्रेड फेयर लगाने की "मौन" स्वीकृति जारी कर दी। 

उपखण्ड कार्यालय में प्रार्थना पत्र विचाराधीन, लेकिन यहां भी मिली मौन स्वीकृति !...

नियमानुसार वर्तमान में राजस्थान की गहलोत सरकार द्वारा 17 सितम्बर 2021 को जारी की गई गाइडलाइन में 17 वे बिंदु पर स्पष्ट करते हुए कहा है कि "किसी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन यथा- राजनैतिक, खेल कूद संबंधी, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह, जुलूस, त्यौहारों का आयोजन, मेलों, हाट बाजार की अनुमति नही होगी। 

बावजूद इसके मेला आयोजकों ने उपखण्ड अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कथित मेला प्रांगण पर मेला आरम्भ हो गया है। जिससे लगता है कि उपखण्ड प्रशासन ने इस आवेदन पत्र को जांच में लेते हुए प्रशासन ने आयोजकों को मौन स्वीकृति जारी कर दी है।

कलेक्टर के भी आदेशों को दरकिनार करने का हो रहा प्रयास !...

इधर, बीते शनिवार को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रतन कुमार एवं अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक हिम्मत सिंह देवल की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित समिति कक्ष में एक बैठक आयोजित कर इसी माह आने वाले त्यौहारों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके उपरान्त वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कोरोना वायरस (कोविड-19) की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जन सुरक्षा की दृष्टि से इस माह के पर्व, त्योहारों के दौरान भीड-भाड होने की संभावना के मद्देनजर कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण को फैलने से रोकने हेतु पूरी तरह सजग रहने एवं सावधानी बरतने की आवश्यकता जताई। 

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस माह आने वाले पर्व, त्योहारों यथा नवरात्रा स्थापना, दुर्गाष्टमी, महानवमी, विजयादशमी एवं अन्य के अवसर पर सार्वजनिक रूप से मूर्ति स्थापना, गरबा, जुलूस, शोभायात्रा, मेला आयोजन, रावन दहन एवं अन्य किसी प्रकार का धार्मिक आयोजन नहीं किया जावेगा। उक्त पर्व, त्यौहार को कोरोना प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करते हुए अपने घरों में रहकर मनाने के निर्देश दिए। 

ठीक इसके विपरीत स्थानीय नगर पालिका एवं प्रशासन द्वारा निम्बाहेड़ा में बड़े स्तर पर ऐसे मेले के आयोजन करने की मौन स्वीकृति जारी करना कहाँ तक उचित है। इधर, बुधवार को स्वयं एसडीएम कार्यालय ने एक प्रेस नोट जारी कर नवरात्रि के त्यौहार को घर पर रहकर मनाने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन बस स्टैंड पर बिना स्वीकृति लगे इस कथित मेले की तरफ ध्यान नहीं दिया जाना नगर एवं आमजन में चर्चा का विषय बना हुआ है।