BIG NEWS:एमपी का सबसे बड़ा हाईटेक सट्टा, मजदूरों के फर्जी खाते बने काली कमाई का अड्डा, 50 करोड़ से ज्यादा किये जमा, हवाला के जरिये सट्टेबाजों में बटती थी राशि,महू पुलिस का सबसे बड़ा खुलासा

एमपी का सबसे बड़ा हाईटेक सट्टा, मजदूरों के फर्जी खाते बने काली कमाई का अड्डा, 50 करोड़ से ज्यादा किये जमा, हवाला के जरिये सट्टेबाजों में बटती थी राशि,महू पुलिस का सबसे बड़ा खुलासा

BIG NEWS:एमपी का सबसे बड़ा हाईटेक सट्टा, मजदूरों के फर्जी खाते बने काली कमाई का अड्डा, 50 करोड़ से ज्यादा किये जमा, हवाला के जरिये सट्टेबाजों में बटती थी राशि,महू पुलिस का सबसे बड़ा खुलासा

इंदौर। बुधवार को इंदौर की महू थाना पुलिस ने संगठित रूप से करोड़ों रुपए के ऑनलाइन सट्टा कारोबार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता प्राप्त की।

जानकारी के अनुसार दिनांक 12.07.2020 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना महू क्षेत्रान्तर्गत राजू वर्मा के मकान में बड़े स्तर पर ऑनलाईन सट्टा खिलाया जा रहा है। जिस पर महू पुलिस द्वारा मौके पर कार्यवाही करते हुए राजू वर्मा निवासी गुजरखेड़ा महू के मकान से 01. विकास पिता मनोहर सिंह यादव उम्र 25 साल निवासी खण्डवा, 02. जितेन्द्र पिता नारायण लोवंशी उम्र 24 साल निवासी सिवनी मालवा गोलगाँव जिला होशगांबाद, 03 . हेमंत पिता अनिल गुप्ता उम्र 23 साल निवासी बरमकेला छत्तीसगढ़, 04. सोनू पिता संतोष गुप्ता उम्र 20 साल निवासी बरमकेला छत्तीसगढ को 03 लेपटॉप व मोबाईलों के जरिये ऑनलाईन सट्टा का गेम करते पकडा गया ।

उक्त सट्टे के गेम में पूछताछ पर राजा वर्मा उर्फ लोकेश पिता राजू वर्मा निवासी गुजरखेड़ा महू द्वारा सट्टा खिलाने के लिये उक्त समस्त व्यक्तियों को नौकरी पर रखने की जानकारी प्राप्त हुई। जिसमें पलाश अभिचंदानी व शुभम कलमें भी राजा वर्मा के ऑनलाईन अवैध सट्टे के व्यापार में सम्मिलित होना पता चला। उक्त कार्यवाही के उपरान्त थाना महू पर अपराध क्रमांक 266/2020 धारा 420,120 बी भादवि 3/4 सट्टा एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान उक्त विकाश यादव , जितेन्द्र लोवंशी हेमंत गुप्ता, सोनू गुप्ता, लोकेश उर्फ राजा वर्मा, पलाश अभिचंदानी, शुभम कलमें मुकेश अभिचंदानी, मनोज मालवीय को गिरफ्तार किया गया । 

मजदूरों के नाम से खुले फर्जी खातों में जमा होती थी काली कमाई-

मामले की विवेचना में इस बात की जानकारी प्राप्त हुई की मुख्य आरोपी राजा वर्मा द्वारा महू व इंदौर के गरीब मजदूर वर्ग के लोगों को दुकान खुलवाने का लोन दिलवाने के नाम से उनके आधार कार्ड, पेन कार्ड मँगवाकर गुमास्ता बनवाता था। उसके बाद अलग-अलग बैंकों में गरीब मजदूरों के नाम से व्यापारी फर्म बनाकर बैंक में करन्ट एकाऊण्ट खुलवाता था। जिसमें ऑनलाईन सट्टे के पैसे इन खातों में बड़ी मात्रा में जमा होते थे। ऐसे 13 बैंक खाते प्रारम्भिक विवेचना में सामने आये।

जिनमें पिछले छ: माह में लगभग 53 करोड़ 23 लाख 70 हजार 417 रुपयों का ट्रॉजेक्शन होना पाया गया एवं उक्त विवेचना में सायबर सूचनाओं के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि राजा वर्मा ने इंदौर के एक सॉफ्टवेयर इन्जीनियर मनोज उर्फ मोंटी पिता कैलाश मालवीय निवासी पालदा इंदौर में उक्त धन गेम का सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन एंड्रायड प्लेट फार्म पर तैयार किया और राजा वर्मा को ऑनलाईन सट्टा चलाने के लिये दिया था। 

राजा वर्मा द्वारा उक्त ऑनलाईन सट्टा का कारोबार लगभग दो वर्षों से संचालित कर रहा था और इस सट्टों से प्राप्त रुपयों से महू तथा इंदौर में मंहगी प्रापर्टी करोडों रुपये मूल्य की स्वयं व परिवार वालों के नाम से खरीद रहा था। राजा वर्मा द्वारा लगभग 6 करोड़ रुपये मूल्य की प्रापर्टी खरीदी है । 

हवाला के जरिये सट्टेबाजों मेें बटती थी राशि- 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनोज उर्फ मोंटी पिता कैलाश मालवीय को भी गिरफ्तार कर लिया है। मनोज उक्त सॉफ्टवेयर को संचालित करने के लिये राजा उर्फ लोकेश वर्मा कि सहायता करता था और सट्टे से प्राप्त बढी धन राशि हवाला के माध्यम से सट्टे बाजों में बटती थी । 

अब ईडी के शिकंजे मेें फंसेगा सट्टेबाज-

अब तक कि कार्यवाही में 1,31,66,623 रुपये / - रुपये ( 1 करोड 31 लाख 66 हजार 623 रुपये ) नगद धनराशी जप्त की गई है। जबकि 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की राशि अलग-अलग बैंक के खातों में फ्रीज की गई है। जिस पर कार्यवाही जारी है। जप्ती के मान से अब तक म.प्र . पुलिस के इतिहास में उक्त कार्यवाही काफी बड़ी है। इस संबंध में इंदौर पुलिस द्वारा प्रवृत्तन निर्देशालय (ईडी) को भी उक्त मनीलॉड्रींग के संबंध में पृथक से जाँच हेतू पत्र लेख किया जा रहा है। मुख्य आरोपी राजा उर्फ लोकेश वर्मा पिता राजू वर्मा निवासी गुजरखेड़ा का अभी न्यायिक अभिरक्षा में है। 

उक्त सराहनीय कार्य करने पर डी.आई.जी. हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा सम्पूर्ण टीम को 20 हजार रुपए पुरूस्कार देने की घोषणा की है।