NEWS: सचमुच गंगा बहाई होती तो यहां विकास का समंदर हिलोरे मारता, किसान नेता उमराव गुर्जर का बड़ा बयान, कहां- विकास यात्रा के नाम पर हो रहा ढोंग, पढ़े खबर

सचमुच गंगा बहाई होती तो यहां विकास का समंदर हिलोरे मारता, किसान नेता उमराव गुर्जर का बड़ा बयान, कहां- विकास यात्रा के नाम पर हो रहा ढोंग, पढ़े खबर

NEWS: सचमुच गंगा बहाई होती तो यहां विकास का समंदर हिलोरे मारता, किसान नेता उमराव गुर्जर का बड़ा बयान, कहां- विकास यात्रा के नाम पर हो रहा ढोंग, पढ़े खबर

नीमच। भाजपा के जनप्रतिनिधि इन दिनों डींगें हांकते नहीं थक रहे कि ,केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकारों ने विकास की गंगा बहाई है। अगर भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने सचमुच विकास की गंगा बहाई होती तो देश प्रदेश के साथ नीमच में भी अब तक तो विकास का समंदर हिलोरे मारता दिखाई देता। यह बयान कांग्रेस के वरिष्ठ और किसान नेता उमरावसिंह गुर्जर ने भाजपा की विकास यात्रा के संदर्भ में दिया है। 

गुर्जर ने कहा कि ज्यादा दूर मत जाइए नीमच क्षेत्र के विधायक अपने पहले कार्यकाल से लेकर आज तक भाटखेड़ा से डुंगलावदा तक शहर के बीच से गुजरने वाले मार्ग को शानदार बनवाने के सैकड़ों बयान दे चुके हैं। कभी वे डबल रोड बनाने की बात कहते तो कभी सीसी रोड, यहां तक कि इस टुकड़े को फोरलेन में तब्दील कर डिवाईडेड रोड और उसके सौंदर्यीकरण का सब्जबाग भी उन्होंने जनता को दिखाया। पिछले दिनों तो रोड के नवनिर्माण का भूमिपूजन भी कर दिया। लेकिन अब तक इसका पेंचवर्क भी ठीक से नहीं हुआ। इतना ही नहीं इस मार्ग पर ग्वालटोली के समीप की पुलिया पिछले दो साल से अधूरी पड़ी है। लोग परेशान हो रहे हैं। सच तो यह है कि यहां के जनप्रतिनिधि इस मार्ग की मांग हर साल बजट के पहले लेकर मुख्यमंत्री शिवराज के पास जाते जरूर हैं लेकिन मुख्यमंत्री इनकी सुनते ही नहीं।

सरकारी अमला विकास यात्रा में और जनता दफ्तरों के चक्कर काट रही-

गुर्जर ने कहा कि विकास यात्रा में जनप्रतिनिधियों के साथ भीड़ तो आ नहीं रही, इसलिए सरकारी अमले को झोंक रखा है। पुलिस, प्रशासन के बड़े अधिकारियों से लगाकर तहसीलदार, थानेदार, पटवारी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों का लवाजमा नेताओं के साथ चल रहा है, जबकि तहसील, थानों, और पटवारी दफ्तरों के आम लोगों के जरूरी काम हो ही नहीं रहे। लोग कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं जहां उन्हें जवाब मिलता है साहब विकास यात्रा में हैं। यह कैसा विकास है जिसके कारण जनता परेशानी भुगत रही है। 

मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करने तक नहीं आये मुख्यमंत्री-

गुर्जर ने कहा कि मध्यप्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मात्र 11 दिन की अवधि में मेडिकल कॉलेज की तमाम औपचारिकताएं पूरी करवाकर स्वीकृति तक भेज दी थी। वह भी तब जब भाजपा के सांसद सुधीर गुप्ता ने नीमच की जनता को कह दिया था कि आप बहुत लेट हो गए। कांग्रेस की देन मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन करने तक मुख्यमंत्री नीमच नहीं आये। जबकि जिले का सरकारी चिकित्सालय और गांवो के सरकारी चिकित्सालयों के बारे में तो जितना बताया जाए कम है, स्वास्थ्य सुविधाएँ पूरी तरह चरमराई हुई हैं। जिला अस्पताल मे जाते ही मरीजों को केवल रैफर किया जाता है।

ये भी बड़े उदाहरण हैं नीमच के विकास के-

कांग्रेस नेता गुर्जर ने कहा कि भाजपा के नेता और जनप्रतिनिधि विकास की डींगें हांकने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। नीमच के उदाहरण देखिए बघाना का अंडरब्रिज अब तक नहीं बना, नई कृषि उपज मंडी बनकर तैयार है लेकिन उसे अब तक शुरू नहीं किया गया। किसान अपनी उपज ट्रेक्टर ट्रॉली में लेकर जाते हैं तो ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ता है, बघाना वासी और राहगीर भी परेशान होते रहते हैं। इसके अलावा किसानों की आय दुगुनी करने के हर चुनावी भाजपाई वादे के बावजूद आय बढ़ना तो दूर मंडी में किसान शोषण का शिकार हो रहे हैं। झांजरवाड़ा में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के नाम पर भी बड़े दावे किए गए लेकिन नीमच का कितना औद्योगिक विकास हुआ यह सबके सामने हैं। अगर वाकई ऐसा हुआ होता तो इलाके के बेरोजगार यूं ही नहीं भटक रहे होते। ऐसे विकास के उदाहरणों की सूची काफी लंबी है अगर भाजपा के जनप्रतिनिधियों की नजर में यही विकास है तो जनता सचमुच का विकास आखिर कब देखेगी।