UJJAIN : महाकाल के दरबार पहुंची CBRI रुड़की की टीम, पहले किये दर्शन, फिर जांची मंदिर की मजबूती, शिवलिंग क्षरण पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

महाकाल के दरबार पहुंची CBRI रुड़की की टीम, पहले किये दर्शन, फिर की मंदिर की मजबूती की जांच, शिवलिंग क्षरण पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

UJJAIN : महाकाल के दरबार पहुंची CBRI रुड़की की टीम, पहले किये दर्शन, फिर जांची मंदिर की मजबूती, शिवलिंग क्षरण पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर के ढांचे की मजबूती जांचने के लिए आज केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की की टीम पहुंची. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआरआई की 4 सदस्यीय टीम उज्जैन ने महाकालेश्वर मंदिर के स्ट्रक्चर की मजबूती की जांच की

इस टीम ने महाकाल मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर और अलग-अलग जगहों पर लगी पत्थर निर्माण सामग्री को जांचा-परखा

विश्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिवलिंग के क्षरण को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी. इस याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में महाकाल मंदिर के पूरे स्ट्रक्चर की मजबूती जांचने का आदेश दिया था

इसी के आलोक में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान की टीम आज पहुंची. अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस पूरे काम पर आने वाला 41 लाख रुपए का खर्च महाकाल मंदिर समिति वहन करेगी

टीम ने की नाप-जोख-

आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की से का चार सदस्यीय दल महाकाल मंदिर पहुंचा. टीम ने यहां पहुंच कर सबसे पहले महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर का निरीक्षण कर अपने काम की शुरुआत की. ये मंदिर साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी पर खुलता है

CBRI की टीम ने मंदिर के स्ट्रक्चर की मजबूती देखने के लिए अलग-अलग यंत्रों से नाप-जोख की. 4 सदस्यों की इस टीम में डॉक्टर अचल मित्तल, डॉक्टर देवदत्त घोष, दीपक एस और ऋषभ अग्रवाल शामिल हैं

यह चारों 24 सितंबर तक उज्जैन में रहकर महाकाल मंदिर के भवन की मजबूती की जांच करेंगे. टीम अगले 6 महीने में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार के सामने पेश करेगी

ऊपरी हिस्सा कमज़ोर-

इससे पहले कमेटी ने 7 सितंबर 2017 को मंदिर के स्ट्रक्चर का जायजा लिया था. उसे मंदिर के ऊपरी हिस्से में कई जगह स्ट्रक्चर कमजोर लगा था. मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के कारण टीम के किसी सदस्य ने फिलहाल इस पूरे मामले में मीडिया से बात नहीं की