BIG BREAKING: एमपी में ओवैसी की AIMIM की एंट्री, इन 25 जिलों में चुनाव लड़ने की तैयारी !... बैठकों का दौर शुरू

एमपी में ओवैसी की AIMIM की एंट्री, इन 25 जिलों में चुनाव लड़ने की तैयारी !... बैठकों का दौर शुरू

BIG BREAKING: एमपी में ओवैसी की AIMIM की एंट्री, इन 25 जिलों में चुनाव लड़ने की तैयारी !... बैठकों का दौर शुरू

इंदौर। नगरीय निकाय चुनाव के जरिए हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम मध्यप्रदेश में एंट्री कर रही है। इसके लिए उसने जो तरीका निकाला है, वो कुछ अलग है, पार्टी ने सर्वे करा लिया है, और अब औवेसी क्लीनिक खोलकर जनता में पैठ बना रही है। एआईएमआईएम अभी मेयर का चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि सिर्फ 10 से 12 पार्षदों का चुनाव लड़ेगी। 

तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में अपनी जड़ें जमा चुकी एआइएमआइएम ने अब मध्यप्रदेश का रुख कर लिया है। वो नगरीय निकाय चुनाव से प्रदेश की राजनीति में पदार्पण करने की तैयारी कर रही है। एमपी में एंट्री से पहले इस राजनीतिक दल ने इंदौर के साथ प्रदेश के कुछ खास शहरों में सर्वे कराया है। इसका एक दौर पूरा हो चुका है। 

बैठकें भी शुरू- 

पार्टी के सदस्यता अभियान के बाद वार्डों में बैठकें भी शुरू हो गई हैं। इंदौर के 10 वार्डों में सदस्यता का लक्ष्य पूरा हो गया है। बाकि वार्डों में भी जल्द सदस्यता अभियान के साथ बैठकों का दौर शुरू होगा। उन्होने कहा बीजेपी औऱ कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके कई प्रत्याशी अब उनकी पार्टी से टिकट मांग रहे हैं। 

एमपी के इन 25 ज़िलों में चुनाव लड़ने की तैयारी- 

चुनाव कोर्डिनेटर डॉ.फारुख शेख ने बताया कि इंदौर के अलावा मध्यप्रदेश के करीब 25 जिलों में पार्टी की चुनाव लड़ने की तैयारी है।  इसके लिए प्रदेश का प्रभार हैदराबाद नगर निगम के पार्षद सैयद मिनहाजुद्दीन को सौंपा है। वे बीते दिनों इंदौर का दौरा कर चुके हैं। उन्हीं की  देखरेख में सर्वे हुआ है। अगले सप्ताह वे फिर इंदौर आ सकते हैं। चुनाव प्रचार के लिए खुद असदुद्दीन ओवैसी शहर आएंगे। 

इंदौर में खजराना, चंदन नगर, आजाद नगर, ग्रीन पार्क, बंबई बाजार जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में पार्षद पद के उम्मीदवार खड़े करने का फैसला हो चुका है। लेकिन कई दूसरे शहरों में मेयर और नगर पालिका अध्यक्षों को भी मैदान में उतारने की तैयारी है। 

महाराष्ट्र, बिहार के बाद प.बंगाल और एमपी में एंट्री- 

महाराष्‍ट्र के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में मिली सफलता से ओवैसी के हौसले बुलंद हैं। वो देश में मुसलमानों का बड़ा चेहरा बनने की तैयारी में हैं। वे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के साथ ही मध्‍यप्रदेश की सियासत में भी स्थानीय चुनाव के रास्ते एंट्री कर रहे हैं।