EXCLUSIVE: सालभर से जिलाध्‍यक्ष पवन पाटीदार अकेले, जिले के मंडलों में तक बन गई टीम, पर जिला टीम का अब भी इंतजार, सत्‍ता और संगठन में फंसा पेंच !... पढ़े संपादक श्याम गुर्जर की कलम से...

EXCLUSIVE: सालभर से जिलाध्‍यक्ष पवन पाटीदार अकेले, जिले के मंडलों में तक बन गई टीम, पर जिला टीम का अब भी इंतजार, सत्‍ता और संगठन में फंसा पेंच !... पढ़े संपादक श्याम गुर्जर की कलम से...

नीमच। जिले की भाजपा में सालभर से जिलाध्‍यक्ष अकेले संगठन की जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं दूसरी और जिले के मंडलों में अध्‍यक्षों ने उनकी टीम तैयार कर ली है लेकिन जिला कार्यकारिणी का गठन अब तक नहीं हो सका है। भाजपा से जुड़े लोगों की माने तो जिले में सत्‍ता व संगठन का तालमेल नहीं बन पा रहा है, इस कारण कार्यकारिणी में पदाधिकारियों के नामों की सूची पर अब तक मंजूरी की मोहर नहीं लग सकी है।

भाजपा वर्तमान में ऐसा राजनीतिक दल है, जिसका ग्राम पंचायत से लेकर देश की सर्वोच्‍च पंचायत मतलब संसद तक राज है। मप्र में कांग्रेस और मुख्‍यमंत्री कमल नाथ के शासनकाल को छोड़ दें तो विगत 15 साल से भाजपा ही राज कर रही है और मुख्‍यमंत्री का दायित्‍व एकछत्र रूप से शिवराज‍ सिंह चौहान संभाल रहे हैं। वर्तमान में उनका साथ देने के लिए संगठन के मुखिया विष्‍णुदत्‍त शर्मा मोर्चा संभाले हुए हैं। देखा जाए तो केंद्र और राज्‍य में भाजपा की सत्‍ता और संगठन में बेहतर तालमेल है लेकिन जिला व स्‍थानीय स्‍तर पर यह तालमेल दिखाई नहीं देता। 

जिले में वर्तमान में भाजपा की संगठनात्‍मक जिला इकाई के मुखिया बतौर जिलाध्‍यक्ष पवन पाटीदार काबिज है। उनकी नियुक्ति‍ करीब एक साल पूर्व की जा चुकी है लेकिन इस नियुक्ति व दायित्‍व से जिले व राज्‍य की सत्‍ता में कायम तीनों विधायक केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक दिलीप सिंह परिहार व अनिरुद्ध माधव मारू संतु‍ष्‍ट नहीं है। इस बात का असर जिलाध्‍यक्ष की नियुक्ति से अब तक निरंतर देखा जा रहा है। 

यहीं कारण है कि जिले में भाजपा के सभी मंडलों में कार्यकारिणी गठित हो चुकी है। मंडल अध्‍यक्ष अब अपनी टीम के साथ संगठनात्‍मक जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन जिले में भाजपा संगठन के मुखिया पवन पाटीदार अब तक अकेले हैं। सत्‍ता और संगठन के तालमेल के अभाव में अब तक भाजपा की जिला कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है हालांकि कोई भी जनप्रतिनिधि‍ व संगठन के मुखिया इस बात को घोषित तौर पर स्‍वीकार नहीं करते हैं लेकिन अंदरखाने से देरी का वास्‍तविक कारण यहीं है।

बिना दखल जिला कार्यकारिणी का गठन जल्‍द नहीं-

भाजपा और अनुषांगिक संगठन के लिए मार्गदर्शक और मुख्‍य संगठन की भूमिका राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ सालों से निभाता आ रहा है, और वर्तमान में भी यह परंपरा जारी है। आला नेताओं व संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं का दबी जुबान कहना है कि जिले में भाजपा की जिला कार्यकारिणी के गठन और शामिल नामों पर एक बार चर्चा जरूर होगी, और यह चर्चा संघ के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हो सकती है, इस चर्चा में भाजपा के जिलाध्‍यक्ष सहित जिले के तीनों विधायक शामिल होंगे। इस चर्चा में एक-एक नाम पर बारीकी से चर्चा होगी और इसके बाद ही कार्यकारिणी को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना हक़ी वर्तमान में जिला कार्यकारिणी के गठन में हो रही देरी भी भाजपा के संगठन और मुख्‍य संगठन की जानकारी है। संभावना जताई जा रही है कि वरिष्‍ठ स्‍तर पर दखल के बिना कार्यकारिणी का जल्‍द गठन और घोषणा मुमकिन नहीं है।