NEWS: MPEB कार्यलय में घुसकर शासकीय कार्य में पहुंचाई बाधा, अब आरोपी को न्यायलय ने सुनाई 15 माह के सश्रम कारावास की सजा, जुर्माना भी

MPEB कार्यलय में घुसकर शासकीय कार्य में पहुंचाई बाधा, अब आरोपी को न्यायलय ने सुनाई 15 माह के सश्रम कारावास की सजा, जुर्माना भी

NEWS: MPEB कार्यलय में घुसकर शासकीय कार्य में पहुंचाई बाधा, अब आरोपी को न्यायलय ने सुनाई 15 माह के सश्रम कारावास की सजा, जुर्माना भी

जावद। माननीय सोनू जैन, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, जावद द्वारा आरोपी रामनिवास पिता डाडमचंद जाट, (30) निवासी-ग्राम मोरवन, थाना जावद, जिला नीमच को मोरवन एमपीईबी आफिस में घुसकर शासकीय कार्य में बाधा पहुॅचाने के आरोप का दोषी पाकर भादवि की धारा 451, 353, 380 में कुल 15 माह के सश्रम कारावास एवं 1000  जुर्माने से दण्डित किया।

आकाश यादव, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि दिनांक 27.11.2013 को एमपीईबी मोरवन कार्यालय में पदस्थ जुनियर इंजीनियर मनीषसिंह व लाईनमेन बापूलाल दोनों विद्युत चोरी की चेकिंग हेतु मोरवन गए थे, जहां आरोपी रामनिवास के कुए पर जाकर देखा तो वहां दो पानी की विद्युत मोटर लगी हुई थी। जिसमें दुसरी मोटर विद्युत चोरी करते हुए अवैध-रूप से लगा रखी थी। मौके पर विद्युत चोरी करके मोटर चलाये जाने के कारण स्टार्टर को जप्त कर मौके का पंचनामा बनाकर दोनों वापस मोरवन एमपीईबी कार्यालय पर आ गये। 

शाम के लगभग 05 बजे आरोपी जबरन मोरवन एमपीईबी कार्यालय में घुस गया और जेई मनीषसिंह को धमकानें लगा, फिर उसका स्टार्टर उठाकर ले गया। फरियादी जेई मनीषसिंह ने घटना के संबंध में आवेदन पुलिस थाना जावद में दिया, जिस पर से अपराध क्रमांक 405/2013, धारा 451, 353, 380 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र जावद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी व चश्मदीद सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपी द्वारा एमपीईबी आफिस में जबरन घुसकर शासकीय कार्य में बाधा पहुॅचाये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए, उनको कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया। 

माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को धारा 451 भादवि के अंतर्गत 6 माह के सश्रम कारावास व 500 रूपये जुर्माना, धारा 380 भादवि के अंतर्गत 6 माह के सश्रम कारावास व 500 रूपये जुर्माना व धारा 353 भादवि के अंतर्गत 3 माह के सश्रम कारावास, इस प्रकार कुल 15 माह के सश्रम कारावास व 1000 रूपये जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी आकाश यादव, एडीपीओ द्वारा की गई।