NEWS: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त, बावजूद इसके गांव-गांव पहुंच रहीं मधु बंसल, पढ़े खबर

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त, बावजूद इसके गांव-गांव पहुंच रहीं मधु बंसल, पढ़े खबर

NEWS: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त, बावजूद इसके गांव-गांव पहुंच रहीं मधु बंसल, पढ़े खबर

हरवार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव फिलहाल तो स्थगित भले ही हो गये है, परन्तु काग्रेंस नैत्री अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों मे निरन्तर दौरा भ्रमण कर किसानों एवं आमजन से जीवित संपर्क बनाए हुए हैं। चोक, चौपाल पर बैठकर किसानों की समस्या का समाधान सम्बंधित अधिकारीयो से मोबाईल से चर्चा कर कर रही हैं। जब से गाडगिल डेम बना है, तब से विगत 25 सालों से उगरान-छाछखेडी पहुंच मार्ग पूर्ण रुप से जल भराव के कारण बंद रहने से उगरान, छाछखेडी, कनगट्टी गांव के 40 किसान परिवारों को खेत पर कृषि कार्य हेतु 4-4 फिट गहरे पानी मे उतरकर  आना जाना पड रहा हैं।

इस समस्या का समाधान पुलिया निर्माण हेतु सासंद को 8 बार लिखित मे दे चुके है, परन्तु अभी तक कोई समाधान की आस नहीं बंधी।विधायक से भी माग की थी। उन्होंने भी विगत 6 सालों से उगरान आना ही बंद कर दिया हैं। छाछखेडी के ग्रामीणों को सहकारी सोसायटी से राशन लेने के लिए जीरन-फोफरिया 7 किलोमीटर होकर आना पडता हैं। शासन प्रशासन मे बेठे किसी भी नुमाइंदों ने रहम तक नहीं आया।ग्रामीणों मे शासन प्रशासन मे बेठे सत्ताधारी नेताओं एवं अधिकारियों हुक्मरानों के प्रति भारी आक्रोश हैं।

उगरान के किसानों से मधुबंसल ने अपनी चिरपरिचित शैली मे बडे ही शालीनता से किसानों से रुबरु चर्चा की, तो किसानों ने मेडम की बात को सुना और अपनी आप बिती दु:ख भरी कहानी सुनाई। मधुबंसल ने 25 सालों से पिडित किसानों की दु:ख भरी पिडा को सुना, और पिडा सुनकर समस्या का समाधान हेतु उगरान-छाछखेडी मार्ग पर पुलिया निर्माण की बात कही, और आधा किलोमीटर किचड मे चलकर पुलिया निर्माण के उद्धेश्य को लेकर निरिक्षण किया। मधुबंसल ने उगरान के किसानों को आश्वस्त किया की मैं इस पुलिया निर्माण हेतु शासन प्रशासन से लडाई लडकर करवाऊंगी।

ग्रामीणों का कहना है कि हमने सासंद को 8बार लिखित मे पुलिया निर्माण की माग की, परन्तु आज तक कुछ नहीं हुआ। पुलिया निर्माण की माग विधायक से भी की तो परिहार ने विगत 6 सालों से उगरान मे आना ही बंद कर दिया। सत्ता धारियों ने उगरान वासियों से मुह मोड लिया हैं। कृषक अर्जुन धनगर का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष अवंतिका जाट ने भी पुलिया निर्माण का सपना ग्रामीणों को दिखाया था।  परन्तु उन्होंने भी हमारे गांव की किसान बहु बेटीयों की पीडा को नहीं समझा। हमारा गांव उगरान नीमच विधानसभा क्षेत्र का अंतिम गांव है। इस गांव की हमेशा से सत्ता पक्ष नेताओं  द्वारा नजर अंदाज ही रहा हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब कोरोना काल के दौरान भी गांव मे 28 लोगों की मौतें हुईं ऐसे हालात मे भी कोई नेता हालचाल पुछने तक नहीं आया। काग्रेंस नैत्री मधुबंसल द्वारा रविवार को ग्राम उगरान मे लगाई चौपाल पर ग्रामीणों से कई समस्याओ पर चर्चाए की। अर्जुन धनगर, दिग्विजयसिंह, दशरथ गायरी, चैनदास बैरागी, कन्हैयालाल गायरी, घनश्याम किर, कारुलाल गायरी, विनोद गायरी, प्रभुलाल कीर, भुवानीराम गायरी, बालूराम, कन्हैयालाल, रमेश चन्द्र कीर सहित गांव के वरिष्ठ किसान मौजूद थे। काग्रेंस नैत्री मधुबंसल ने ग्रामीणों से गांव की कई मूलभूत जनसमस्याओं को भी सुना। बताया की यहां के 40% किसान प्रधानमंत्री सम्माननिधि से वंचित है।

मधुबंसल ने संबंधित पटवारी को दूरभाष के माध्यम से अवगत करवाकर शिघ्र समस्या का समाधान करने को कहा। जिला पंचायत वार्ड क्रमांक- 6 से सदस्य पद प्रत्याशी रही काग्रेंस नैत्री मधुबंसल द्वारा रविवार को झांझरवाडा, धामनिया, राबडिया, चीताखेडा, हरवार, फोफरिया, उगरान आदि ग्रामों का दौरा भ्रमण किया गया। गांव-गांव चोक चौपाल लगाकर किसानों से समस्याओं को अवगत हुईं। पृथ्वीराज जाट, बंशीलाल मेघवाल, रमेश पंवार और अम्बालाल पंवार दौरा भ्रमण के दौरान साथ थे।