OMG ! पारिवारिक विवाद में बेटे का पागलपन, गुस्से में आकर पिता को ही उतार डाला मौत के घाट, एफआईआर के बाद गरोठ और सुवासरा पुलिस की कार्यवाही, 12 घंटों में आरोपी को धर दबौचा

पारिवारिक विवाद में बेटे का पागलपन, गुस्से में आकर पिता को ही उतार डाला मौत के घाट, एफआईआर के बाद गरोठ और सुवासरा पुलिस की कार्यवाही, 12 घंटों में आरोपी को धर दबौचा

OMG ! पारिवारिक विवाद में बेटे का पागलपन, गुस्से में आकर पिता को ही उतार डाला मौत के घाट, एफआईआर के बाद गरोठ और सुवासरा पुलिस की कार्यवाही, 12 घंटों में आरोपी को धर दबौचा

मंदसौर। पुलिस अधीक्षक सिध्दार्थ चौधरी के निर्देशन में, एएसपी महेन्द्र तारनेकर एवं एसडीओपी फूलसिंह परस्ते के मार्गदर्शन में गरोठ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 

पुलिस ने हत्या के मामले में फरार आरोपी धीरजसिंह पिता सुजानसिंह सौंधिया राजपूत (35) निवासी फरन्याखेड़ी को महज 12 घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त आलाजबर भी जब्त किया है। आपकों बता दें कि आरोपी द्वारा पारिवारिक विवाद के चलते हत्या करने की वारदात को अंजाम दिया गया था। 

गौरतलब है कि बीती 16 जनवरी की रात गरोठ थाने में फरियादी दाणीसिंह पिता सुजानसिंह निवासी ग्राम फरन्याखेड़ी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि उसके बड़े भाई धीरजसिंह ने उसके पिता सुजानसिंह सौंधिया 60 के सिर पर लकड़ी से हमला कर दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही फरियादी के साथ भी गाली-गलौच करते हुए मारपीट की, और जान से मारने की धमकी दी। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामलें की जांच शुरू की थी। 

पुलिस ने इन आरोपियों को किया गिरफ्तार- 

पुलिस ने कार्यवाही के धीरप सिंह पिता सुजान सिंह सौंधिया राजपूत (35) निवासी ग्राम फरन्याखेडी, थाना गरोठ, हाल मुकाम सुवासरा को गिरफ्तार किया है। 

जप्तशुदा मश्रुका- 

पुलिस ने जांच के दौरान अपराध में प्रयुक्त एक लकड़ी जब्त की है। 

इनकी सरहनीयता-

उक्त कार्यवाही में उपनिरीक्षक शिवांशु मालवीय (थाना प्रभारी गरोठ), उनि समरथ सीनम (थाना प्रभारी थाना सुवासरा व उनकी टीम) तथा गरोठ थाने के उनि मूलचन्द सिंह धाकड, सउनि अर्जुन सिंह परिहार, सउनि महेन्द्र सिंह यादव, प्रआर विष्णुलाल, राधेश्याम गुर्जर, आर विजेन्द्र सिंह, अजय मेड, रवि नेका, दिलीप सिंह बघेल, कैलाश बघेल, सुरेन्द्र चौधरी, पवन सागीत्रा व साइबर सेल के आशीष बैरागी का विशेष योगदान रहा।