BIG NEWS : रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल मामला, बदला और मोटी रकम का लालच !... और फिर दोस्तों के साथ की प्लानिंग, कार में रखी अफीम, फिर मुखबिर भी बने खुद, चौकीदार रजनीकांत के एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश हो गई नाकाम

रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल मामला, बदला और मोटी रकम का लालच ! और फिर दोस्तों के साथ की प्लानिंग, कार में रखी अफीम, फिर मुखबिर भी बने खुद, चौकीदार रजनीकांत के एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश हो गई नाकाम

BIG NEWS : रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल मामला, बदला और मोटी रकम का लालच !... और फिर दोस्तों के साथ की प्लानिंग, कार में रखी अफीम, फिर मुखबिर भी बने खुद, चौकीदार रजनीकांत के एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश हो गई नाकाम

नीमच। शहर के नामी रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल के साथ घटी झूटी घटना के मामले में गुरूवार को एक बार फिर एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। मामले में आपसी नोक-झोक और रूपयों के लालच में रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल को फंसाने का प्लान बनाया गया था। 

दरअसल, रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल जिस सार्वजनिक क्लब में रोजाना बैटमिंटन खेलने जाते थे। उसी क्लब के चौकीदार लोकेश उर्फ रजनीकांत ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अक्षय गोयल को तस्करी के केस में फंसाने का प्लान बनाया था। 

सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चौकीदार लोकेश और उसके अन्य साथियों ने रूपए एकत्रित कर सबसे पहले 1 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम खरीदी। जिसके बाद ग्राम भवरासा निवासी श्याम नामक व्यक्ति ने मौका पाकर ठेकेदार अक्षय गोयल की कार में अफीम रख दी।सूत्र से मिली जानकारी के अनुआर चौकीदार लोकेश ने ही मुखबीर बनकर जावद थाने में पदस्थ आरक्षक चंदनसिंह को ठेकेदार अक्षय गोयल की कार में अफीम होने की सूचना दी। जिसके बाद आरक्षक चंदनसिंह ने यह जानकारी एएसआई कमलेश गौड़ को दी। 

बताया जा रहा है कि बघाना पुलिस ने इस पूरे मामले में आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। साथ ही इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राॅय द्वारा आज करने की संभावना है। 

आपसी दुश्मनी और रूपयों का लालच बना अक्षय को फ़साने का कारण- 

सुत्रों से मिली जानकारी में यह भी सामने आया है कि सार्वजनिक क्लब का चौकीदार लोकेश पूर्व में ठेकेदार अक्षय गोयल के यही काम करता था। इसी दौरान चौकीदार लोकेश और ठेकेदार अक्षय गोयल के बीच कहा सुनी हुई, जो बाद में विवाद में तब्दील हो गई। वहीं दूसरा कारण अक्षय को झूठे केस में फंसाकर करोड़ों रूपए की मोटी रकम वसूल करना था। 

पुलिस को भी किया गुमराह- 

यह माना जा रहा है कि इस पूरे मामले में जहां एक और आरोपियों द्वारा ठेकेदार अक्षय गोयल को झूठे केस में फंसाया जा रहा था, तो वहीं दूसरी और मुखबीर बनकर पुलिस को सूचना भी दी गई, माना जा रहा है कि आरोपियों द्वारा पुलिस को भी कही ना कही गुमराह किया गया है। 

पुलिस अधीक्षक मनोज राॅय मामले को लेकर गंभीर- 

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राॅय ने मामले को लेकर काफी गंभीर है। मंगलवार को जब अक्षय गोयल के जावद थाने में होने की सूचना मिली थी, तो पुलिस कप्तान मनोज कुमार राॅय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी जावद थाने पहुंचे थे। 

जिसके बाद जानकारी में सामने आया है कि जावद थाने की जिस पुलिस टीम द्वारा यह कार्रवाही की गई थी। उस टीम के संबंध में भी पुलिस कप्तान मनोज कुमार राॅय द्वारा बारिकी से जांच करवाई जा रही है। जानकारों की माने तो टीम के सभी सदस्यों की काॅल डिटेल भी निकाली जा रही है।जिससे इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। 

इनका रचा था खेल- 

आपकों बता दें कि चौकीदार लोकेश उर्फ रजनीकांत और उसके अन्य साथियों ने पहले रूपए इकट्ठे किए। जिसके बाद मनासा क्षेत्र निवासी किसी अज्ञात व्यक्ति से 1 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम खरीदी, और भवरासा निवासी श्याम नामक व्यक्ति की मदद से ठेकेदार अक्षय गोयल की कार में रखवाई। 

वहीं इस मामले में बघाना पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश भी पुलिस कर रही है। अब आरोपियों द्वारा अफीम किस व्यक्ति से खरीदी गई थी। उसका खुलासा भी जल्द होने की संभावना है। 

यह पूरा मामला- 

बीती 17 नवंबर को नीमच के नामी रेलवे ठेकेदार अक्षय गोयल बैटमिंटन खेलने सार्वजनिक क्लब गए थे। जहा से वह वापस नहीं लौटे, जिसके बाद परिजनों ने उनसे फोन पर संपर्क करना चाहा तो उनका फोन भी बंद आया। इस पर घबराए परिजनों ने केंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राॅय के सज्ञान में जैसे ही यह मामला आया, तो उन्होंने भी तुरंत मामले में गंभीरता दिखाई। 

जिसके बाद दोपहर में अक्षय गोयल के मिलने की सूचना के साथ एक और चौकाने वाली बात सामने आई, और वह यह भी जावद पुलिस ने अक्षय गोयल को 1 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम के साथ पकड़ा है। 

इस घटनाक्रम के तुरंत बाद मंगलवार की ही शाम पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राॅय मीडिया से रूबरू हुए, इस दौरान उन्होंने अक्षय गोयल को अज्ञात बदमाशों द्वारा दुश्मनी के चलते झूठे केस में फंसाने की बात कही गई। फिर मंगलवार को ही अक्षय गोयल को पुलिस ने छोड़ दिया था और तत्काल भी पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए टीम गठित कर दी थी,

पुलिस की भूमिका पर सवाल- 

इस पूरी कार्रवाही में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते नजर आए है। सुत्रों की माने तो जब जावद पुलिस ने अक्षय गोयल को हिरासत में लिया था। उसके बाद वह अक्षय गोयल को सीधे थाने नहीं लेकर पहुंची ऐसे भी अक्षय गोयल के अपहरण की खबरों ने तेजी पकड़ ली थी और पुलिस महकमा में भी हड़कंप से मच गया था,जिसके बाद पुलिस की भूमिका पर भी उंगलियां उठाने लगी है

नीमच से भोपाल तक मचा हड़कंप- 

आपकों बता दें कि इस अक्षय गोयल मामले में नीमच से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला सीएम शिवराज और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के संज्ञान में भी लाया गया है। जिसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करते हुए पूरे मामले की बारिकी से जांच करने की बात कही है। जानकारों की माने तो इस कार्रवाही को लेकर कही ना कही बड़ा एक्शन भी देखने को मिल सकता ।