BIG NEWS: रतलाम का लाल लोकेश कुमावत इंफाल में शहीद, गांव का माहौल गमगीन, मां ने तिलक लगाकर दी थी विदाई, अब तिरंगे में लिपटकर आएगा पार्थिव शरीर, देखें वीडियों और पढ़े खबर

रतलाम का लाल लोकेश कुमावत इंफाल में शहीद, गांव का माहौल गमगीन, मां ने तिलक लगाकर दी थी विदाई, अब तिरंगे में लिपटकर आएगा पार्थिव शरीर, देखें वीडियों और पढ़े खबर

BIG NEWS: रतलाम का लाल लोकेश कुमावत इंफाल में शहीद, गांव का माहौल गमगीन, मां ने तिलक लगाकर दी थी विदाई, अब तिरंगे में लिपटकर आएगा पार्थिव शरीर, देखें वीडियों और पढ़े खबर

रतलाम। आर्मी की इंफाल यूनिट में पदस्थ जिले के जावरा विकासखंड के ग्राम मावता निवासी सैनिक लोकेश कुमावत इंफाल में शहीद हो गए। स्वजनों को सैन्य अधिकारियों से संक्षिप्त सूचना में बताया गया कि लोकेश अब नहीं रहे। इसके बाद गांव में माहौल गमगीन हो गया। सूचना मिलने पर पिपलौदा जनपद के उपाध्यक्ष श्यामसिंह, कालूखेड़ा थाना प्रभारी बीएल भाभर सहित अन्य अधिकारी गुरुवार शाम मावता पहुंचे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने अंतिमयात्रा के मार्ग की तैयारियां प्रारंभ कर दी है।

जनपद उपाध्यक्ष श्यामसिंह व ग्रामीणों ने बताया कि लोकेश 12 वीं तक पढ़ने के बाद सेना में जाने की तैयारी में जुट गया था। उसे बचपन से सेना में जाने का जज्बा था। अंतिम संस्कार रियावन मार्ग स्थित खेल मैदान पर किया जाएगा। इसी मैदान में वह सेना में जाने की तैयारी करता था। उसके नहीं रहने की सूचना सेना यूनिट ने बुधवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच उसके पिता के फोन पर दी गई, और केवल इतना बताया था कि लोकेश नहीं रहा। पार्थिव शरीर मणिपुर से गुरुवार रात में इंदौर एयरपोर्ट लाया गया। उसके रिश्तेदार व कुछ ग्रामीण इंदौर के लिए रवाना हो गए, शहीद लोकेश का आज दोपहर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल गांव में देश के वीर सपूत की अंतिम विदाई की तैयारी की जा रही है। 

पिता खेती करते हैं, मां को नहीं बताया

जानकारी के अनुसार सेना में पदस्थ 22 वर्षीय लोकेश कुमावत पुत्र मुकेश कुमावत निवासी ग्राम मावता थाना कालूखेड़ा वर्ष 2019 में सेना में भर्ती हुआ था। उसकी ड्यूटी मणिपुर के इम्फाल यूनिट में थी। वह दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई साढ़े 17 वर्षीय विशाल है। उसके पिता खेती करते हैं। छोटा भाई 12वीं में अध्ययनरत है। उसकी मां को जानकारी नहीं दी गई है। मां को पता नहीं चले। इसके चलते उसके घर के बाहर भीड़ भी जमा नहीं होने दी गई है।

तिलक लगाकर भेजा था, तिरंगे में लिपटकर आएगा- 

लोकेश के सेना में चयन के बाद पोस्टिंग पर जाने से पहले मां व अन्य स्वजनों ने तिलकर लगाकर लोकेश को रवाना किया था। अब शव तिरंगे में लिपटकर गांव लाया जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर लोकेश के सेना में भर्ती के बाद घर से जाने का वीडियो वायरल होने पर श्रद्धांजलि का दौर भी जारी रहा।

रतलाम की मिट्टी ने दिए हैं कई सपूत- 

रतलाम की मिट्टी ने देश को कई सपूत दिए हैं, जो देश की सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे हैं। रतलाम के गुणावद गांव से ही 18 जवान सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. बीते कुछ माह पहले ही रतलाम के गुणावद गांव के ही सपूत कन्हैया लाल जाट ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हो गए थे। दरअसल कन्हैया लाल भारतीय सेना की सीएमपी यूनिट में सिक्किम में, तैनात थे लेकिन वाहन की सफाई करते समय उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक लग गया था। गुणावद में ही पूरे सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया था। 

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