BIG NEWS: मप्र यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव,दौड़ में दो विधायक सहित दिग्गज नेता के पुत्र भी शामिल, फिर बीजेपी ने कसा यूं बड़ा तंज 

मप्र यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव,दौड़ में दो विधायक सहित दिग्गज नेता के पुत्र भी शामिल, फिर बीजेपी ने कसा यूं बड़ा तंज 

BIG NEWS: मप्र यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव,दौड़ में दो विधायक सहित दिग्गज नेता के पुत्र भी शामिल, फिर बीजेपी ने कसा यूं बड़ा तंज 

भोपाल। लंबे समय बाद मध्य प्रदेश में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव होने जा रहा है। चुनाव से पहले कांग्रेस की सियासत में चुनावी पारा गर्म हो गया है। ज्ञात हो कि पिछले सात सालों से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की कमान कुणाल चौधरी ने संभाल रखी थी। जिनकी जगह अब नया अध्यक्ष चुना जाना है। इसके लिए चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कांग्रेस के 2 विधायकों, नेता पुत्रों सहित कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। 15 दिसंबर को ऑनलाइन चुनाव होगा।

दौड़ में यह है शामिल-
युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में कांग्रेस नेता प्रेमचंद गुड्डू के बेटे अजीत बोरासी के साथ ही जावेद खान, संजय यादव, मोना कौरव, अंकित डोली, पिंकी मुद्गल, हर्षित गुरु,वंदना बेन,विक्रांत भूरिया, विवेक त्रिपाठी के साथ ही  विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और विपिन वानखेड़े शामिल है।

बीजेपी ने ली चुटकी कसा बड़ा तंज -

यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर बीजेपी ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने के साथ ही चुटकी लेते हुए तंज कसा है। जिसके मुताबिक कांग्रेस में चला आ रहे वंशवाद का असर यूथ कांग्रेस चुनाव पर भी दिखाई दे रहा है। विधायक और पार्टी के नेता पुत्रों को खुश करने के लिए यूथ कांग्रेस का चुनाव हो रहा है।

ऑनलाइन होंगे चुनाव-
उपचुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस अपनी यूथ ब्रिगेड में जान फूंकने की तैयारी में लग गई है। यहीं कारण है कि लंबे समय से अटका यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने की उसने पूरी तैयारी कर ली है। 12 उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं। 15 दिसंबर को होने वाले चुनाव की प्रक्रिया कोरोना के कारण ऑनलाइन होगी।

यूथ कांग्रेस के सदस्य मोबाइल नंबर पर ओटीपी के जरिए मतदान की प्रक्रिया में शामिल होंगे। दिसंबर के आखिरी तक नतीजों का ऐलान हो जाएगा। नये अध्यक्ष के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस को मजबूती देने की तैयारी है। ताकि 2023 के चुनाव से पहले कांग्रेस अपनी यूथ ब्रिगेड तैयार कर सके। लेकिन सवाल यह भी है कि कांग्रेस विधायक और नेता पुत्रों के सहारे संगठन को कितना मजबूत कर पाती है।