BIG NEWS: डासिया गांव में फूटा बवाल, झूठे SC/ST केस के आरोपों से भड़का जनाक्रोश, मानसिक रोगी तक को बनाया आरोपी, मारपीट के बाद उल्टा केस दर्ज करने का आरोप, पूरे गांव ने एकजुट होकर SP से लगाई न्याय की गुहार, पढ़े खबर

BIG NEWS: डासिया गांव में फूटा बवाल, झूठे SC/ST केस के आरोपों से भड़का जनाक्रोश, मानसिक रोगी तक को बनाया आरोपी, मारपीट के बाद उल्टा केस दर्ज करने का आरोप, पूरे गांव ने एकजुट होकर SP से लगाई न्याय की गुहार, पढ़े खबर

रिपोर्ट :- पवन राव शिंदे 

नीमच | डासिया गांव में विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। समस्त ग्रामवासी एवं करणी सेना परिवार की ओर से पुलिस अधीक्षक नीमच को एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई गई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कर SC/ST एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे पूरे गांव में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है।

पूरा घटनाक्रम विस्तार से:

आवेदन के अनुसार, ग्राम डासिया निवासी जसवंत सिंह पिता गोवर्धन सिंह, जो कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए गए हैं और जिनकी स्थिति के कारण उनके साथ हमेशा परिवार का कोई सदस्य रहता है, 26 फरवरी 2026 को अपने खेत से हरे चने लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में विपक्षी पक्ष—प्रेमचन्द पिता दौलतराम, भैरुलाल पिता प्रेमचन्द, ममता पति भैरुलाल एवं नीतू पिता प्रेमचन्द चौहान—ने एकजुट होकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

प्रार्थियों का आरोप है कि आरोपियों ने न केवल मारपीट और गाली-गलौच की, बल्कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि “हम नीची जाति के हैं, यहां मत आया कर, नहीं तो SC/ST एक्ट में फंसा देंगे।” इस घटना के बाद दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ आवेदन दिए गए, जिन पर कार्यवाही जारी है।

झूठे केस का आरोप:

ग्रामवासियों का कहना है कि विपक्षी पक्ष ने SC/ST एक्ट के तहत जो शिकायत दर्ज करवाई है, वह पूरी तरह झूठी और निराधार है। आरोप है कि उस शिकायत में मानसिक रूप से अस्वस्थ जसवंत सिंह का नाम भी शामिल किया गया है, जबकि उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी आवेदन के साथ संलग्न है। इसके अलावा ममता कुंवर पति मोहन सिंह, जो उस समय बेड रेस्ट पर थीं, उनका नाम भी शिकायत में जोड़ दिया गया, जिसे प्रार्थीगण ने पूरी तरह गलत बताया है। ग्रामवासियों का आरोप है कि वास्तविक मारपीट उनके साथ हुई है, लेकिन उल्टा उन्हें ही झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और कानूनी धाराओं का गलत उपयोग कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

अवैध कारोबार के गंभीर आरोप:

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 15 मार्च 2026 को विपक्षीगण जिस पोल्ट्री फार्म की देखरेख करते हैं और जहां वे परिवार सहित रहते हैं, वह स्थान नीमच निवासी एक व्यक्ति (शर्मा जी) का बताया गया है। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि इस स्थान पर अवैध गतिविधियां संचालित होती हैं, जिनमें डोडाचूरा तस्करी और अवैध शराब का व्यापार शामिल है।

प्रार्थियों के अनुसार, इन गतिविधियों को लेकर पूर्व में भी कई बार ग्रामवासियों और अन्य व्यक्तियों द्वारा शिकायतें की जा चुकी हैं और कुछ मामलों में कार्यवाही भी चल रही है। इसके बावजूद आरोपी पक्ष अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है।

आपराधिक प्रवृत्ति का आरोप:

ग्रामवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षीगण आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले भी चोरी सहित विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। कई मामलों में वे जेल भी जा चुके हैं। इसी के चलते वे गांव में दबाव और भय का माहौल बनाकर रखते हैं और आम लोगों को धमकाते रहते हैं।

 गांव में भय और आक्रोश:

इन घटनाओं के चलते डासिया गांव में भय और तनाव का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस स्थिति से परेशान हैं और अब उन्होंने सामूहिक रूप से प्रशासन के सामने अपनी बात रखने का निर्णय लिया है।

पुलिस अधीक्षक से प्रमुख मांगें:

ग्रामवासियों एवं करणी सेना परिवार ने अपने आवेदन में निम्न मांगें रखी हैं—

झूठी शिकायतों एवं SC/ST एक्ट के तहत की गई गलत कार्यवाही से राहत दी जाए

पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए

आरोपी पक्ष के आतंक और अवैध गतिविधियों से गांव को मुक्त कराया जाए मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच चुका है। आगे की कार्रवाई और जांच के बाद ही पूरे विवाद की सच्चाई सामने आएगी।