BIG NEWS: भोपाल से उठा ‘थप्पड़ तूफान’! महिला अफसर की ‘चमाट असिस्टेंट’ वैकेंसी ने मचाया प्रदेश में हाहाकार, वायरल पोस्ट पर बवाल, ट्रोलिंग की आंधी, सफाई के बाद भी थम नहीं रहा विवाद, पढ़े खबर
भोपाल, मध्यप्रदेश। राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी लक्ष्मी गामड़ द्वारा किया गया एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने ‘चमाट (थप्पड़) असिस्टेंट’ की जरूरत बताई। इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट पर बहस छिड़ गई—क्या यह मजाक था या पद की मर्यादा के खिलाफ बयान?

क्या था पूरा मामला—एक पोस्ट और बढ़ा विवाद
लक्ष्मी गामड़ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि उन्हें ऐसा असिस्टेंट चाहिए जो उनके इशारे पर सामने वाले को “दो चमाट” यानी थप्पड़ मार सके।

यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया और लोगों ने अलग-अलग तरीके से इसे लिया।
कुछ लोगों ने इसे हल्का-फुल्का मजाक बताया, कई यूजर्स ने कहा—यह एक अधिकारी की गरिमा के खिलाफ है, प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे, सोशल मीडिया पर बवाल—ट्रोलिंग और आलोचना तेज, पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।“सरकारी पद पर रहते हुए ऐसी भाषा ठीक नहीं”, “यह प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है”, कई यूजर्स ने जमकर ट्रोल किया, हालांकि, कुछ लोगों ने इसे एक महिला अधिकारी के गुस्से और भावनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखा और उनका समर्थन भी किया।

विवाद बढ़ा तो पोस्ट डिलीट, फिर आई सफाई
मामला तूल पकड़ता देख लक्ष्मी गामड़ ने अपना मूल पोस्ट डिलीट कर दिया। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट कर अपनी सफाई पेश की।उन्होंने कहा कि लोग उन्हें बिना पूरी बात जाने जज कर रहे हैं, एक व्यक्ति द्वारा भेजे गए अभद्र मैसेज का स्क्रीनशॉट साझा किया,सवाल उठाया—“क्या एक महिला अधिकारी अपने सम्मान के लिए आवाज नहीं उठा सकती?”
उन्होंने लिखा कि अगर किसी अभद्र व्यक्ति के खिलाफ गुस्से में “दो चमाट” की बात कही, तो इसमें गलत क्या है। उनका कहना था कि वे चुप रहकर गलत लोगों को बढ़ावा देने में विश्वास नहीं रखतीं।

पहले भी सोशल मीडिया एक्टिविटी को लेकर रही हैं चर्चा में
लक्ष्मी गामड़ पहले भी अपनी सोशल मीडिया सक्रियता को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। वे अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर रील्स बनाकर शेयर करती हैं उनके कई वीडियो वायरल हो चुके हैं हाल ही में मजदूर दिवस पर किया गया एक मजाकिया पोस्ट भी विवादों में आया था वर्तमान में वे भोपाल स्थित एमपी गवर्नमेंट प्रेस में अपर नियंत्रक के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले नीमच में अपर कलेक्टर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।

बड़ा सवाल—अभिव्यक्ति की आजादी या पद की मर्यादा?
यह मामला अब सिर्फ एक वायरल पोस्ट तक सीमित नहीं रह गया है। यह बहस छेड़ चुका है कि—क्या सरकारी अधिकारियों को सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए?क्या व्यक्तिगत गुस्से की अभिव्यक्ति पद की गरिमा से ऊपर हो सकती है, या फिर यह एक महिला अधिकारी की आत्मसम्मान की लड़ाई है?
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में है और लोगों की राय बंटी हुई है—एक तरफ सख्त आलोचना, तो दूसरी ओर समर्थन। लेकिन इतना तय है कि ‘थप्पड़ असिस्टेंट’ वाला यह पोस्ट अब एक बड़े विवाद में बदल चुका है।