EXCLUSIVE NEWS : राजस्थान पुलिस की तस्करी को लेकर सख्त कार्रवाई जारी,अब ‘सीक्रेट टैंक’ से अफीम जब्त,एमपी के तस्कर फिर गिरफ्तार,एक तरफ ऑपरेशन “त्रिनेत्र” में लगातार मिल रही सफलता,तो दूसरी ओर नीमच–मंदसौर में सुस्ती पर सवाल;क्या कमजोर पड़ रहा है एमपी पुलिस का मुखबिर तंत्र...?

राजस्थान पुलिस की तस्करी को लेकर सख्त कार्रवाई जारी,अब ‘सीक्रेट टैंक’ से अफीम जब्त,एमपी के तस्कर फिर गिरफ्तार,एक तरफ ऑपरेशन “त्रिनेत्र” में लगातार मिल रही सफलता

EXCLUSIVE NEWS : राजस्थान पुलिस की तस्करी को लेकर सख्त कार्रवाई जारी,अब ‘सीक्रेट टैंक’ से अफीम जब्त,एमपी के तस्कर फिर गिरफ्तार,एक तरफ ऑपरेशन “त्रिनेत्र” में लगातार मिल रही सफलता,तो दूसरी ओर नीमच–मंदसौर में सुस्ती पर सवाल;क्या कमजोर पड़ रहा है एमपी पुलिस का मुखबिर तंत्र...?

विशेष रिपोर्ट -

चित्तौड़गढ़ / जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत चित्तौड़गढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में और आईजी रेंज उदयपुर गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रही इस मुहिम के तहत जिला स्पेशल टीम और निम्बाहेड़ा कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया।

कार्रवाई एएसपी सरिता सिंह के निर्देशन और डीएसपी निम्बाहेड़ा बद्रीलाल के सुपरविजन में की गई। टीम का नेतृत्व निम्बाहेड़ा कोतवाली प्रभारी कन्हैयालाल ने किया। इस ऑपरेशन में जिला स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार सहित कांस्टेबल रतन सिंह, अमित कुमार, मनोज कुमार, दुर्गाराम, बलराम, प्रीतम, अजय, शिशराम और कोतवाली निम्बाहेड़ा से विजयसिंह, जगदीश, सुभाष, विजय कुमार, गोविन्द सिंह शामिल रहे।

जलिया चेकपोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान नीमच की ओर से आ रही एक होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल को संदिग्ध पाकर रोका गया। गहन तलाशी में मोटरसाइकिल के पेट्रोल टैंक के नीचे बनाई गई गुप्त स्कीम का खुलासा हुआ, जिसमें 6 प्लास्टिक थैलियों में छिपाकर रखी गई 9 किलो 864 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई।

इस मामले में 27 वर्षीय रितुराज सिंह राठौड़, निवासी पिपल्यारावजी (थाना मनासा, जिला नीमच, मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी वर्तमान में भीलवाड़ा में रह रहा था और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

एमपी पुलिस पर उठ रहे सवाल----
इस कार्रवाई के बाद मध्यप्रदेश के नीमच और मंदसौर जिलों की पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राजस्थान में लगातार मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर अफीम उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र माने जाने वाले नीमच-मंदसौर में इस भरे सीजन के दौरान अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आ रही। जबकि राजस्थान सहित अन्य एजेंसिया नीमचमानदसौर क्षेत्र के तस्करी के नेटवर्क पर लगातार कार्यवाही कर ही रही है,

सूत्रों की मानें तो मुखबिर तंत्र का रुख भी अब मध्यप्रदेश से हटकर राजस्थान पुलिस और अन्य एजेंसियों की ओर हो गया है। यह स्थिति अपने आप में गंभीर संकेत देती है कि आखिर स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र कमजोर क्यों पड़ रहा है और पुलिसकर्मी भी सुस्त से क्यों पड़ गए है 

मुखबिर तंत्र की निष्क्रियता चिंता का विषय---
जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते मध्यप्रदेश पुलिस अपने मुखबिर तंत्र को दोबारा सक्रिय नहीं करती है, तो तस्करी को और बढ़ावा मिल सकता है। इससे न केवल अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क और भी मजबूत हो सकता है।


ऐसे में आवश्यक है कि आला पुलिस अधिकारी इस दिशा में गंभीरता से ध्यान दें,अपने सूचना नेटवर्क को फिर से मजबूत करें और जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें,ताकि मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।