BIG NEWS: “मध्यप्रदेश में अचानक क्यों बढ़ गई सरकारी दफ्तरों की हलचल?”, मोहन सरकार के बड़े फैसले के बाद लाखों कर्मचारियों की नजरें अब 1 जून पर टिकीं, पढ़े खबर

BIG NEWS: “मध्यप्रदेश में अचानक क्यों बढ़ गई सरकारी दफ्तरों की हलचल?”, मोहन सरकार के बड़े फैसले के बाद लाखों कर्मचारियों की नजरें अब 1 जून पर टिकीं, पढ़े खबर

भोपाल। Mohan Yadav सरकार ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए तबादला नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत पूरे मध्यप्रदेश में 1 जून से 15 जून 2026 तक तबादलों की प्रक्रिया चलेगी। सरकार के इस फैसले के बाद मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

नई तबादला नीति के अनुसार सभी विभागों में तय नियमों और निर्धारित सीमा के भीतर ही तबादले किए जाएंगे। सरकार ने पहली बार विभागों में कर्मचारियों की संख्या के आधार पर ट्रांसफर की सीमा स्पष्ट रूप से तय की है, ताकि मनमानी और अनावश्यक तबादलों पर रोक लगाई जा सके।

सरकार ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को बड़ी राहत भी दी है। कैंसर, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों, पति-पत्नी के मामलों और स्वयं की गंभीर स्वास्थ्य परिस्थितियों को सामान्य तबादला सीमा से बाहर रखा गया है। ऐसे मामलों में मानवीय आधार पर विशेष निर्णय लिया जाएगा।

नीति के मुताबिक जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं वहां कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। 200 से 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में 40 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 15 प्रतिशत तक ट्रांसफर की अनुमति होगी। 1000 से 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में 160 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक तबादले किए जाएंगे। वहीं 2000 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में 260 कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त 5 प्रतिशत तक तबादलों की सीमा तय की गई है।

सरकार का मानना है कि नई नीति से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की समस्याओं का संतुलित समाधान हो सकेगा। तबादला प्रक्रिया शुरू होने की खबर के बाद प्रदेशभर के कर्मचारी अब अपने संभावित स्थानांतरण को लेकर सक्रिय नजर आने लगे हैं।