BIG NEWS: सावधान!नीमच में फिर लौटा अंधेरा युग,भीषण गर्मी में बिजली विभाग के पावर कट ने छुड़ाए पसीने,मेंटेनेंस और लोड शेडिंग के नाम पर भारी कटौती, ग्रामीण क्षेत्र झेल रहे ज़्यादा मार,पढ़े राजू नागदा "दास्सा" की ये खबर
BIG NEWS: सावधान!नीमच में फिर लौटा अंधेरा युग,भीषण गर्मी में बिजली विभाग के पावर कट ने छुड़ाए पसीने,मेंटेनेंस और लोड शेडिंग के नाम पर भारी कटौती, ग्रामीण क्षेत्र झेल रहे ज़्यादा मार
नीमच। जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली अब भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। भीषण गर्मी और तपिश के बीच विभाग 'लोड शेडिंग' के नाम पर जो खेल खेल रहा है, उसका सबसे बड़ा खामियाजा ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों को भुगतना पड़ रहा है। जहाँ शहरी केंद्रों में व्यवस्थाएं पटरी पर दिखाई देती हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों और शहर से सटी कॉलोनियों में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
दोहरी मार-दिन में काम ठप, रात की नींद उड़ी-
ग्रामीणों और विशेषकर ग्राम धनेरिया व नीमच के उपनगर बघाना से सटी कॉलोनियों के निवासियों ने बताया कि विभाग ने कटौती का एक नया और थका देने वाला चक्र शुरू किया है। जिसके तहत दिन में मेंटेनेंस (रखरखाव) के नाम पर घंटों बिजली गुल रखी जाती है, जिससे व्यापार और घरेलू काम ठप हो जाते हैं। वहीं रात होते ही 'लोड शेडिंग' का खेल शुरू होता है। पूरी रात में 4 से 5 बार आधे-आधे घंटे के लिए बिजली काटी जा रही है। तपिश और उमस भरी गर्मी में दिन भर काम की थकान के बाद जब इंसान सुकून की नींद चाहता है, तब बिजली की यह लुका-छिपी उसे चैन से सोने नहीं दे रही है।
बघाना और धनेरिया क्षेत्र में सबसे बुरा हाल-
हैरानी की बात यह है कि नीमच शहर से बिल्कुल सटी होने के बावजूद, धनेरिया ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली सभी नई कॉलोनियों को 'ग्रामीण क्षेत्र' मानकर बिजली कटौती का शिकार बनाया जा रहा है। बघाना के नजदीकी रहवासियों का कहना है कि यह विभाग का सीधा भेदभाव है। कूलर और पंखे सिर्फ सजावट की वस्तु बनकर रह गए हैं, जबकि बिजली बिलों का बोझ कम नहीं हो रहा।
सरकार का आदेश या विभाग की मनमानी-
इन दिनों पारा 40 डिग्री के पार जा चुका है। रातों को बार-बार बिजली कटने से लोग घरों के बाहर बैठने को मजबूर हैं, जहाँ मच्छरों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस बदहाली ने आमजन के मन में विभाग के साथ-साथ सरकार के प्रति भी भारी रोष भर दिया है।
पुरानी सरकार की याद दिला रही बदहाली-
इस अघोषित बिजली कटौती को लेकर हर तरफ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वर्तमान बिजली संकट उन्हें पुरानी सरकारों के उस दौर की याद दिला रहा है, जब बिजली का आना-जाना लगा रहता था। इस अव्यवस्था के चलते आमजन अब सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर भी सवाल उठा रहे हैं और प्रशासनिक तंत्र को कोस रहे हैं।
इनका कहना-
अभी गर्मी के मौसम में प्रदेश स्तर पर उत्पादन से ज़्यादा मांग बढ़ने एवं पॉवर मैनेज करने को लेकर शासन के आदेश पर आधे-आधे घण्टे की अस्थाई रूप से यह कटौती की जा रही है, पॉवर पोजिशन ठीक होने पर यह फिर से नॉर्मल हो जाएगी।
-ओ.पी.सेन
कार्यपालन यंत्री,नीमच
गर्मी के मौसम में ज़्यादा खपत होने एवं यूनिट बैठ जाने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में यह इमरजेंसी समस्या आ रही हैं। वैसे सप्लाय ठीक हैं,लगातार यह कटौती नहीं होगी।
-दिलीप अग्रवाल
सहायक यंत्री,ग्रामीण द्वितीय,नीमच