BIG BREAKING NEWS: हादसे पर हादसे, फिर भी नहीं जागा सिस्टम! चीता खेड़ा-नीमच रोड के गड्ढे ने PWD कर्मचारी को किया घायल, सड़क सुधार नहीं हुआ तो होगा बड़ा जनआंदोलन,कांग्रेस अध्यक्ष राकेश जावरिया की चेतावनी, पढ़े आजाद मंसूरी की ये खबर
2 साल से बदहाल सड़क बनी जानलेवा, 4 माह से शासन में अटकी मेगा हाईवे की फाइल, रोज बढ़ रहा हादसों का खतरा
नीमच। जिला मुख्यालय को चीता खेड़ा और झाझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क की बदहाली अब लोगों के सब्र की परीक्षा लेने लगी है। वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही इस सड़क पर रविवार सुबह एक और हादसा हो गया, जिसमें लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारी रामरतन जटिया घायल हो गए। घटना के बाद सड़क की स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।

जानकारी के अनुसार रामरतन जटिया नीमच से अपने गांव चीता खेड़ा लौट रहे थे। रास्ते में गहरे गड्ढे के कारण उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उनके हाथ और घुटनों में चोट आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर दुर्घटनाएं अब आम बात हो चुकी हैं।

यह मार्ग झाझरवाड़ा इंडस्ट्रीज एरिया सहित कई गांवों की जीवनरेखा माना जाता है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, लेकिन सड़क की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। जगह-जगह बने गड्ढे और उखड़ा डामर वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं।

इधर झाझरवाड़ा से मल्हारगढ़ तक प्रस्तावित मेगा हाईवे का निर्माण भी शासन स्तर पर लंबित स्वीकृति के कारण शुरू नहीं हो पाया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद करीब चार माह से फाइल आगे नहीं बढ़ने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

सड़क की बदहाली को लेकर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राकेश जावरिया ने प्रशासन और संबंधित विभागों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया तो कांग्रेस जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगी।
PWD विभाग की एसडीओ नेहा राठौर ने बताया कि सड़क का निरीक्षण किया गया है। फिलहाल डामर उपलब्ध नहीं होने के कारण गड्ढों और सड़क किनारे के हिस्सों को डस्ट से भरकर अस्थायी सुधार किया जाएगा। वहीं मेगा हाईवे निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

लंबित फाइल से अटका विकास
झाझरवाड़ा-मल्हारगढ़ मेगा हाईवे को स्वीकृति और टेंडर मिलने के बाद लोगों को बेहतर सड़क की उम्मीद जगी थी, लेकिन चार माह से फाइल लंबित होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका। ऐसे में क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक नई सड़क नहीं बनती, तब तक मौजूदा सड़क की तत्काल मरम्मत कर लोगों को राहत दी जानी चाहिए।