BIG NEWS: राम मंदिर और बद्रीनाथ के बाद अब विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावे पर बड़ा विवाद, फर्जी रसीदों, निजी खातों और सोना-चांदी के दान में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, कलेक्टर ने बैठाई हाई लेवल जांच, क्या है पूरा मामला पढ़े ये खबर
आस्था के सबसे बड़े दरबार में दान पर उठे सवाल
आगर-मालवा। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर उठे विवादों के बीच अब मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर भी सुर्खियों में आ गया है। मंदिर में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।

शिकायतों के अनुसार मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय संस्था कथित रूप से शासकीय प्रबंधन समिति से अलग अपनी समानांतर व्यवस्था संचालित कर रही थी। आरोप है कि संस्था ने अपने नाम से रसीद पुस्तिकाएं छपवाकर श्रद्धालुओं से नकद दान, सोना-चांदी के आभूषण और अन्य चढ़ावा प्राप्त किया। साथ ही दान की राशि निजी बैंक खातों में जमा किए जाने और वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी करेंगे। जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिन्नी अग्रवाल को समिति का सदस्य बनाया गया है। जांच दल को सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ लोग, जो अधिकृत मंदिर प्रबंधन समिति का हिस्सा नहीं थे, कथित रूप से दान एकत्र कर रहे थे। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर समिति का नियमित ऑडिट कराया जाएगा तथा भविष्य में क्यूआर कोड आधारित पारदर्शी दान व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यम से ही दान करें।

मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
