BIG NEWS: 2000 करोड़ के निवेश से पीथमपुर में लगेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा हेलियन प्लांट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया वर्चुअल भूमिपूजन, 1000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार, पढ़े खबर
पीथमपुर। मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने वाली एक बड़ी उपलब्धि के तहत पीथमपुर में हेलियन ग्रुप की भारत की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि भारत तेजी से ग्लोबल फार्मा हब के रूप में उभर रहा है और इसमें मध्यप्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

करीब 2000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली यह यूनिट 40 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जिसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा हेलियन प्लांट बताया जा रहा है। परियोजना के शुरू होने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 1000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियां, बेहतर आधारभूत संरचना और निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल ही प्रदेश को निवेश का पसंदीदा गंतव्य बना रहे हैं। इन्हीं विशेषताओं से प्रभावित होकर हेलियन ग्रुप ने अपनी भारत की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए पीथमपुर का चयन किया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 75 से ज्यादा मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाइयां सक्रिय हैं, जो मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख फार्मा एवं मेडिकल डिवाइस केंद्रों में शामिल करती हैं।

हेलियन परियोजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कंपनी ने अपने कुल कार्यबल में लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पीथमपुर में बनने वाला यह अत्याधुनिक प्लांट एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों को उत्पादों का निर्यात करेगा, जिससे मध्यप्रदेश की वैश्विक औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) रोड शो के दौरान जिस निवेश की नींव रखी गई थी, वह अब धरातल पर आकार ले रही है और प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने जा रही है।