NEWS : वसंत की खुशबू में सजा शब्दों का संसार वसंत पंचमी पर निराला जयंती संग साहित्यकारों का अनूठा संगम, 21वें वर्ष भी जीवित रही परंपरा, पढ़े ये खबर।

21वें वर्ष भी जीवित रही परंपरा,

NEWS : वसंत की खुशबू में सजा शब्दों का संसार वसंत पंचमी पर निराला जयंती संग साहित्यकारों का अनूठा संगम, 21वें वर्ष भी जीवित रही परंपरा, पढ़े ये खबर।

नीमच| वसंत पंचमी की पावन बेला पर जब हर ओर पीले रंग की आभा और सरस्वती वंदना की स्वर लहरियाँ गूंज रही थीं, उसी समय नीमच में साहित्य प्रेमियों ने शब्दों से वसंत का उत्सव रच दिया। हिंदी साहित्य के सूर्य सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती के अवसर पर आयोजित यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहित्यिक परंपरा का जीवंत उत्सव बन गया।

21 वर्षों से साहित्य की मशाल जला रहा यह आयोजन
कवयित्री डॉ. प्रेरणा ठाकरे परिहार के निवास पर जुटे अंचल के रचनाधर्मी न्यू इंदिरा नगर स्थित कवयित्री डॉ. प्रेरणा ठाकरे परिहार के निवास पर प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी वसंत उत्सव एवं निराला जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो नीमच के साहित्यिक इतिहास में एक विशेष उपलब्धि मानी जा रही है।

 सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
वासंती गुलाल, मौली और पुष्प अर्पण से सजी आध्यात्मिक छटा कार्यक्रम का आरंभ वंदना योगी द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण सरस्वती वंदना से हुआ। उपस्थित रचनाकारों का स्वागत वासंती गुलाल लगाकर किया गया और रक्षा सूत्र मौली बांधी गई। इसके बाद सभी साहित्यकारों ने मां सरस्वती को पुष्प एवं माला अर्पित कर साहित्य साधना का संकल्प लिया।

 निराला के व्यक्तित्व और हिंदी साहित्य पर हुआ मंथन रचनाकारों ने रखे विचार, गूंजा मौलिक काव्यपाठ कार्यक्रम में मां सरस्वती के सांस्कृतिक महत्व, निराला के क्रांतिकारी साहित्यिक व्यक्तित्व और हिंदी साहित्य में उनके योगदान पर विस्तार से विमर्श हुआ। इस दौरान कवियों ने अपनी मौलिक रचनाओं का काव्यपाठ कर वातावरण को भावनात्मक और विचारोत्तेजक बना दिया।

लेखिका रेणुका व्यास का सम्मान शॉल और श्रीफल भेंट कर दी गई साहित्यिक साधना को सम्मान इस आयोजन की एक विशेष परंपरा है—हर वर्ष किसी एक साहित्यकार का सम्मान। इस वर्ष यह सम्मान लेखिका श्रीमती रेणुका व्यास को प्रदान किया गया। उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसे उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने तालियों के साथ सराहा।

संचालन और आभार 
कार्यक्रम का सशक्त संचालन सेवानिवृत्त प्राचार्य राधेश्याम शर्मा ने किया। अंत में आयोजक डॉ. प्रेरणा ठाकरे परिहार ने सभी साहित्यकारों और उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 ये रहे आयोजन के साक्षी
कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र शक्तावत, डॉ. कमलेश पाटीदार, अख्तर अली शाह, गोपाल चौहान, गुणवंत गोयल, प्रभात मेहता, महक शर्मा, दीक्षा शर्मा, प्रदीप ठाकरे, प्रणव परिहार सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।