BIG NEWS : भोपाल से मंदसौर के बीच बनने जा रहा ग्रीनफील्ड फोरलेन, एमपी से राजस्थान तक राहगीरों को होगा फायदा, इन शहरों से होकर गुजरेगा हाईवे, क्या है इसकी खासियत, पढ़े इस खबर में
भोपाल से मंदसौर के बीच बनने जा रहा ग्रीनफील्ड फोरलेन
डेस्क। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लेकर पश्चिमी क्षेत्र के दूरस्थ जिले मंदसौर के बीच अब सीधी, तेज और सुगम कनेक्टिविटी होने जा रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित फोरलेन करीब 258 किलोमीटर लंबा होगा, इसमें सबसे खास बात ये है कि, जो मौजूद समय में मार्गों की तुलना में 100 से 150 किलोमीटर तक दूरी घट जाएगी। यह सड़क जमीन की सतह से लगभग 8 से 10 फीट की ऊंचाई पर बनाई जाएगी और इसमें अत्यंत कम मोड़ होंगे, जिससे वाहनों को एक समान और तेज गति मिल सकेगी।

एमपी से राजस्थान तक राहगीरों को फायदा-
इस फोरलेन का लाभ मंदसौर और नीमच जिलों के साथ-साथ राजस्थान के प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और उदयपुर के यात्रियों को भी मिलेगा। सड़क विकास निगम ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। यदि डीपीआर समय पर तैयार हो जाती है, और सरकार बजट स्वीकृत कर देती है, तो अगले दो वर्षों में नया फोरलेन तैयार हो सकता है।

कम होगी 100-150 कि.मी दूरी-
इस एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड फोरलेन की विशेषता यह होगी कि मार्ग किसी भी शहर या गांव के बीच से नहीं गुजरेगा, जिससे यात्रा निर्बाध और सुरक्षित होगी। छोटे वाहन इस मार्ग पर 100 किमी प्रति घंटा की गति से चल सकेंगे, जबकि बस और ट्रक 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सफर कर पाएंगे। इसका सीधा लाभ यह होगा कि मंदसौर से भोपाल तक की यात्रा मात्र साढ़े तीन से चार घंटे में पूरी हो सकेगी। अभी यह दूरी तय करने में पांच से छह घंटे लगते हैं।

इन शहरों से होकर गुजरेगा हाईवे-
नया फोरलेन मंदसौर से लगे ग्राम नयाखेड़ा से शुरू होगा और रतलाम, आगर, शाजापुर और सीहोर जिलों से होकर भोपाल पहुंचेगा। मौजूदा समय में भोपास से मंदसौर के बीच उपलब्ध मार्ग 340 किमी से 410 किमी तक लंबे हैं, जबकि नया मार्ग सिर्फ 258 किमी का होगा। इसके चलते यात्रा समय और ईंधन की बचत होने के साथ उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
