BIG NEWS : वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वात्सल्य ग्राम दौरा रहा ऐतिहासिक, नीमच के संतोष चौपड़ा'अनिल गोयल'श्याम गुर्जर बने इस पल के खास गवाह,दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा के प्रकल्पों की राष्ट्रपति ने की सराहना, बालिकाओं के "सैनिक स्कूल में लिया समूह फोटो"नीमच प्रतिनिधियों को पहली पंक्ति में मिला स्थान, बढ़ाया क्षेत्र का मान, पढ़े ये खबर
वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वात्सल्य ग्राम दौरा रहा ऐतिहासिक, नीमच के संतोष चौपड़ा'अनिल गोयल'श्याम गुर्जर बने इस पल के खास गवाह,दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा के प्रकल्पों की राष्ट्रपति ने की सराहना
विशेष रिपोर्ट -
बीते शुक्रवार को वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में उस समय एक विशेष आध्यात्मिक और प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला, जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहाँ का दौरा किया। लगभग एक घंटे तक परिसर में रहकर उन्होंने न केवल विभिन्न सेवा एवं शिक्षा से जुड़े प्रकल्पों का गहन अवलोकन किया, बल्कि वहाँ संचालित गतिविधियों को करीब से समझने का भी प्रयास किया।
वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा कई मायनों में प्रेरणादायक रहा। साध्वी ऋतंभरा (दीदी माँ) द्वारा संचालित सेवा, शिक्षा और संस्कार आधारित प्रकल्पों का अवलोकन करते हुए उन्होंने विशेष सराहना व्यक्त की।

इसी दौरान वात्सल्य ग्राम में संचालित गो-सेवा प्रकल्प ने भी राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यहाँ बेसहारा, बीमार और वृद्ध गायों की सेवा के लिए समर्पित गौशाला संचालित है, जहाँ उनके लिए चारा, आवास और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है। यह प्रकल्प न केवल गो-संरक्षण का कार्य कर रहा है, बल्कि सनातन संस्कृति के मूल्यों को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू इस गौ-सेवा कार्य को देखकर इतनी प्रभावित और भावुक हो गईं कि उन्होंने स्नेहवश एक छोटे से बछड़े को अपनी गोद में उठा लिया। यह दृश्य वहाँ मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक और यादगार क्षण बन गया, जिसने पूरे वातावरण को और अधिक आत्मीय बना दिया।

इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू विशेष रूप से साध्वी ऋतंभरा (दीदी माँ) द्वारा संचालित प्रकल्पों से प्रभावित नजर आईं। उन्होंने इन पहलों की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य समाजसेवा का एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक उदाहरण है। खासकर बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित सैनिक स्कूल और अन्य योजनाओं में उनकी गहरी रुचि देखने को मिली, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम है।
दीदी माँ के मार्गदर्शन में चल रहे ये प्रकल्प केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संस्कार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति का भी समावेश करते हैं। उनके प्रयासों से हजारों बालिकाओं का भविष्य संवर रहा है, जो समाज के लिए एक अमूल्य योगदान है।
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब राष्ट्रपति मुर्मू ने दीदी माँ के प्रकल्प अंतर्गत संचालित बालिकाओं के सैनिक स्कूल की छात्राओं के साथ समूह फोटो खिंचवाया। इस ऐतिहासिक पल में मध्यप्रदेश के नीमच से पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष चोपड़ा, दीदी माँ के अनन्य भक्त अनिल गोयल तथा नीमच जिला प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष श्याम गुर्जर को प्रथम पंक्ति में स्थान मिला—जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश के नीमच से पहुंचे तीनों प्रतिनिधियों के लिए भी यह पल बेहद यादगार बन गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ एक ही फ्रेम में स्थान मिलना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय रहा। इस खास क्षण ने तीनों प्रतिनिधियों को रोमांचित कर दिया और यह याद उनकी जीवन की अविस्मरणीय उपलब्धियों में शामिल हो गई।

इस अवसर पर देशभर से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ भी मौजूद रहीं, जो दीदी माँ के सेवा कार्यों से प्रेरित हैं और किसी न किसी रूप में इन प्रकल्पों से जुड़ी हुई हैं। पूरे कार्यक्रम में आत्मीयता, सादगी और सेवा भाव की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
राष्ट्रपति के इस दौरे ने न केवल वात्सल्य ग्राम की गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी, बल्कि साध्वी ऋतंभरा (दीदी माँ) के सेवा, शिक्षा और संस्कार आधारित प्रकल्पों पर भी एक सकारात्मक और प्रेरणादायक प्रकाश डाला। यह दौरा निश्चित रूप से समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।