BIG NEWS : नीमच में बड़ा खुलासा या बड़ी साजिश? नारकोटिक्स कार्रवाई पर उठे संगीन सवाल,निर्दोष को फंसाकर असली आरोपियों को बचाने का सनसनीखेज आरोप,विश्वकर्मा जांगिड़ समाज ने करी डीजीपी से उच्चस्तरीय जांच की मांग, पढ़े खबर

नीमच। जिले में हाल ही में हुई नारकोटिक्स विंग की कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है। विश्वकर्मा जांगिड़ समाज (सुथार समाज) ने इस पूरे मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। समाज का दावा है कि एक निर्दोष युवक को झूठे प्रकरण में फंसाकर वास्तविक आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई है। इस संबंध में समाज के प्रतिनिधियों ने महानिदेशक पुलिस (डीजीपी), मध्यप्रदेश को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि प्रारंभिक स्तर पर जिन व्यक्तियों के नाम इस कार्रवाई में सामने आए थे, बाद में उन्हें संदिग्ध रूप से प्रकरण से अलग कर दिया गया। इसके स्थान पर निरंजन पिता राजमल सुथार, निवासी नीमच सिटी को आरोपी बनाया गया, जो कि समाज के अनुसार पूरी तरह निर्दोष हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस पूरे मामले में वास्तविक आरोपी निखिल, पवन और आर्यन बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने खुद को बचाने के लिए सुनियोजित तरीके से निरंजन को इस मामले में फंसा दिया। समाज ने इसे न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो एक निर्दोष व्यक्ति को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि घटना से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध होने का दावा किया गया है। समाज के अनुसार उक्त वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि निरंजन को संबंधित आरोपी उसकी दुकान से बुलाकर अपने साथ ले जाते हैं। इस साक्ष्य को आधार बनाते हुए समाज ने कहा कि यह स्पष्ट संकेत देता है कि निरंजन को जानबूझकर इस पूरे घटनाक्रम में शामिल किया गया है। समाज के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि नामों में बदलाव कर मामले को संदिग्ध बनाया गया है, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहन जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि इस मामले में शीघ्र निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो समाज को मजबूरन आगे व्यापक स्तर पर आंदोलन करना पड़ सकता है। समाज ने प्रशासन से अपील की है कि निर्दोष व्यक्ति को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कलेक्टर नीमच एवं पुलिस अधीक्षक नीमच को भी प्रेषित की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।