NEWS: मनासा में कांग्रेस का आर-पार, प्रदर्शन की अनुमति निरस्त होने पर भड़की कांग्रेस, पूर्व मंत्री नाहटा और जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने बोला विधायक पर तीखा हमला, कहा- ‘सत्ता के दबाव में लोकतंत्र का गला घोंट रहा प्रशासन, तो एमडी ड्रग्स और घोटालों के लगाए गंभीर आरोप, अब होगा महा-आंदोलन,पढ़े खबर

मनासा में कांग्रेस का आर-पार, प्रदर्शन की अनुमति निरस्त होने पर भड़की कांग्रेस, पूर्व मंत्री नाहटा और जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने बोला विधायक पर तीखा हमला, कहा- ‘सत्ता के दबाव में लोकतंत्र का गला घोंट रहा प्रशासन, तो एमडी ड्रग्स और घोटालों के लगाए गंभीर आरोप, अब होगा महा-आंदोलन

NEWS: मनासा में कांग्रेस का आर-पार, प्रदर्शन की अनुमति निरस्त होने पर भड़की कांग्रेस, पूर्व मंत्री नाहटा और जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने बोला विधायक पर तीखा हमला, कहा- ‘सत्ता के दबाव में लोकतंत्र का गला घोंट रहा प्रशासन, तो एमडी ड्रग्स और घोटालों के लगाए गंभीर आरोप, अब होगा महा-आंदोलन,पढ़े खबर

नीमच। मनासा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और आम जनता पर हो रहे कथित अत्याचारों, दमनकारी नीतियों और फर्जी मुकदमों के खिलाफ कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा सत्ता पक्ष के भारी दबाव में आकर कांग्रेस के पूर्व घोषित विरोध प्रदर्शन की अनुमति निरस्त करने के विरोध में गुरुवार को जिला कांग्रेस कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने स्थानीय मनासा विधायक पर तीखा हमला बोला और प्रशासनिक साठगांठ के गंभीर आरोप लगाए।

​दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगी कांग्रेस: नाहटा-

​पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि मनासा में विपक्ष और आम जनता की आवाज को दबाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल पर दर्ज झूठे मुकदमों, खिमला प्लांट की अवैध गतिविधियों का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं पर हुई दमनकारी कार्रवाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा द्वारा की गई झूठी शिकायत के विरोध में 29 मई को स्थानीय पुलिस थाने के घेराव का कार्यक्रम तय था।
​श्री नाहटा के अनुसार, प्रशासन के ही आग्रह पर कांग्रेस ने धरने के बजाय शांतिपूर्ण आम सभा और ज्ञापन देने का नया आवेदन भी सौंप दिया था, इसके बावजूद स्थानीय विधायक माधव मारू के भारी राजनैतिक दबाव में आकर प्रशासन ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस तानाशाही से पीछे हटने वाली नहीं है। जल्द ही नई तारीख का ऐलान कर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में मनासा में एक विशाल और ऐतिहासिक जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

​अपराध और घोटालों का केंद्र बना मनासा: बाहेती-

​जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने विधायक और प्रशासन पर अत्यंत तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज मनासा पूरी तरह अपराध और घोटालों का घर बन चुका है। पूरे नीमच जिले में सर्वाधिक अवैध गतिविधियां अकेले मनासा विधानसभा क्षेत्र में फल-फूल रही हैं। करोड़ों के जमीन घोटाले, हथियारों की अवैध फैक्ट्रियां और युवाओं की नसें खोखली करने वाली खतरनाक एमडी ड्रग्स की फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ होना इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
​श्री बाहेती ने आरोप लगाया कि रेत के अवैध उत्खनन से लेकर बड़े पैमाने पर काटी जा रही अवैध कॉलोनियों के खेल को विधायक के दबाव में प्रशासन द्वारा खुला संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सचेत किया कि पिछले आंदोलनों में उमड़े जनसैलाब से डरे विधायक अब प्रशासन को ढाल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी सत्ता के दबाव में बेगुनाह लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं, उनके कारनामों का सबूतों के साथ जल्द ही खुलासा किया जाएगा। फिलहाल 29 मई के प्रदर्शन को स्थगित कर इसे प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में बड़े रूप में आयोजित किया जाएगा।
​इस पत्रकार वार्ता में ब्लॉक अध्यक्ष श्याम सोनी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोरमा मूंदड़ा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामप्रसाद कसेरा, पार्षद सत्यनारायण लक्षकार सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

जिला कांग्रेस का सीधा सवाल,सिर्फ नीमच में ही धारा 144 क्यों?-

​जिला कांग्रेस कमेटी ने नीमच जिला प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए सीधा सवाल पूछा है कि आखिर किस आधार और किस डर की वजह से पूरे मध्य प्रदेश को छोड़कर, सिर्फ नीमच जिले में अचानक धारा 144 लगाकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है?
​जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि हक़ीक़त यह है कि कांग्रेस के आक्रामक आंदोलनों में आ रहे जनसैलाब से भाजपा के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन में भारी खौफ का माहौल है। सत्ता पक्ष में विपक्ष के विरोध को सहन करने की हिम्मत नहीं बची है। इसी बौखलाहट के कारण जनता और विपक्ष के हक की आवाज को कुचलने के लिए यह दमनकारी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई थोपी गई है, लेकिन कांग्रेस इस तानाशाही के आगे झुकने वाली नहीं है।