BIG NEWS: पिपलियामंडी में नाबालिग बेटी के लापता होने से मचा हड़कंप... शादी से लौट रही मां का रास्ता रोककर मारपीट और लूट के गंभीर आरोप, कार्रवाई नहीं होने पर एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पढ़े नरेंद्र राठौर की खबर

BIG NEWS: पिपलियामंडी में नाबालिग बेटी के लापता होने से मचा हड़कंप... शादी से लौट रही मां का रास्ता रोककर मारपीट और लूट के गंभीर आरोप, कार्रवाई नहीं होने पर एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पढ़े नरेंद्र राठौर की खबर

पिपलिया स्टेशन (निप्र)। पिपलियामंडी क्षेत्र की एक महिला ने अपनी नाबालिग दत्तक पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने, छेड़छाड़, मारपीट, लूट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि संबंधित युवक और उसके परिजनों के खिलाफ अलग-अलग थानों एवं पुलिस अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित महिला के अनुसार, ग्राम बर्डिया निवासी एक युवक लंबे समय से उसकी नाबालिग पुत्री को मोबाइल पर लगातार फोन कर परेशान करता था। समझाने के बाद भी वह नहीं माना और कथित तौर पर जबरन बात करने तथा अपने साथ ले जाने की धमकी देता रहा। महिला का आरोप है कि युवक उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता था, जिससे उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई और परिवार में तनाव की स्थिति बन गई।

महिला ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि एक दिन वह अपनी पुत्री के साथ शादी समारोह से लौट रही थी। इसी दौरान भदवा घाटी के पास युवक और उसके दो परिजनों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और छीनाझपटी की गई तथा सोने की चेन, अंगूठी और चांदी का कड़ा छीन लिया गया। साथ ही भविष्य में पुत्री को उठा ले जाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पीड़िता का कहना है कि थाना पिपलियामंडी, थाना कुकड़ेश्वर तथा मंदसौर और नीमच के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच उसकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई, जिसके लिए उसने संबंधित युवक को जिम्मेदार ठहराते हुए अपहरण की आशंका जताई है।

महिला ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

नोट: इस समाचार में वर्णित सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदनों पर आधारित हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।