NEWS: नीमच में 200 वर्ष पुराना बालाजी मंदिर बचाने के लिए लामबंद हुआ हिंदू समाज, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन,पढ़े खबर

नीमच में 200 वर्ष पुराना बालाजी मंदिर बचाने के लिए लामबंद हुआ हिंदू समाज, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

NEWS: नीमच में 200 वर्ष पुराना बालाजी मंदिर बचाने के लिए लामबंद हुआ हिंदू समाज, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन,पढ़े खबर

नीमच। भाटखेड़ा फंटे से लेकर सुवाखेड़ा फंटे तक चल रहे फोर-लेन सड़क चौड़ीकरण कार्य में 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री माधोपुरी बालाजी मंदिर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। मंदिर को टूटने से बचाने और सड़क का निर्माण सामने की खाली जमीन पर कराने की मांग को लेकर सर्व हिंदू समाज ने नायब तहसीलदार संजय मालवीय को ज्ञापन सौंपा, जिसे राष्ट्रपति को भेजा गया है। इस ज्ञापन की प्रतियां प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को भी भेजी गई हैं।

इस ज्ञापन में ​स्थानीय नागरिकों और हिंदू समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि नीमच बस स्टैंड के महू रोड की पहली पुलिया वर्तमान में टू-लेन की है, जिससे सटकर ही माधोपुरी बालाजी मंदिर स्थित है। सड़क ऊंची होने के कारण मंदिर का स्तर सड़क से करीब 8 फीट नीचे है। चल रहे फोर-लेन निर्माण के तहत यदि मंदिर की तरफ पुलिया का विस्तार किया गया, तो मंदिर का लगभग 50 से 52 फीट हिस्सा इसकी जद में आ जाएगा। इस परिसर में मुख्य बालाजी मंदिर के साथ ही भगवान भोलेनाथ, माता संतोषी, गणेश जी और साईं बाबा के मंदिर भी स्थापित हैं, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएंगे। इस गंभीर समस्या को लेकर करीब 5 महीने पहले 1 फरवरी 2026 को क्षेत्रीय भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार और 2 फरवरी 2026 को नीमच कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था, तब विधायक ने समाज को आश्वस्त किया था कि मंदिर की एक इंच भूमि को भी नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद 24 मई को निर्माण कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि नए नक्शे के तहत मंदिर की तरफ 6 मीटर निर्माण होना तय हुआ है, जिस पर 26 मई को मंदिर परिसर में समाज की बड़ी बैठक हुई और विधायक से फोन पर पुनः बात की गई, जिन्होंने दोबारा आश्वासन दिया। लेकिन 2 जून को ठेकेदार के कर्मचारियों ने फिर सूचित किया कि मंदिर की तरफ 6 मीटर और सामने की तरफ 8 मीटर सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाएगा, जिससे समाज का आक्रोश भड़क गया।

सर्व हिंदू समाज ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसी सड़क निर्माण के दौरान स्पेंटा पेट्रोल पंप से मैसी शोरूम चौराहे की तरफ आने वाली पुलिया के बाईं ओर स्थित एक महज 5 वर्ष पुरानी मजार को बचाने के लिए नई टू-लेन पुलिया को सड़क के दाहिनी तरफ मोड़ दिया गया। समाज का तर्क है कि जब एक नए ढांचे को बचाने के लिए नक्शा बदला जा सकता है, तो लाखों लोगों की आस्था के केंद्र इस 200 वर्ष प्राचीन मंदिर को बचाने के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा? समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के ठीक सामने की तरफ पर्याप्त रिक्त भूमि उपलब्ध है। यदि सड़क और पुलिया का निर्माण सामने की ओर बढ़ा दिया जाए, तो फोर-लेन का काम भी बिना किसी रुकावट के पूरा हो जाएगा और ऐतिहासिक मंदिर भी सुरक्षित रहेगा। सर्व हिंदू समाज ने चेताया है कि वे अपनी आस्था को बचाने के लिए पूरी ताकत के साथ खड़े हैं और प्रशासन को इस निर्माण कार्य को तत्काल रोककर इसे सामने की तरफ शिफ्ट करना चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से एडवोकेट सुनील धारवाल, घनश्याम शर्मा, नीरज पांडे, विजेश वाल्मीकि, रमेश धाकड़, दशरथ धाकड़, भोला जैसवार, राजेश गहलोत, मंदिर समिति व व्यायाम शाला के सदस्य सहित अन्य कई हिंदू समाजजन और महू रोड निवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।