BIG NEWS: रामपुरा रिंगवाल पर सुबह अचानक मची चीख-पुकार, गांधी सागर नदी में डूबने लगे 3 युवक...मौके पर दौड़ा प्रशासन और एम्बुलेंस, फिर जो हुआ उसे देख दहल गए लोग!, जाने पूरा मामला,पढ़े ये खबर

रामपुरा रिंगवाल पर सुबह अचानक मची चीख-पुकार, गांधी सागर नदी में डूबने लगे 3 युवक...मौके पर दौड़ा प्रशासन और एम्बुलेंस, फिर जो हुआ उसे देख दहल गए लोग!, जाने पूरा मामला

BIG NEWS: रामपुरा रिंगवाल पर सुबह अचानक मची चीख-पुकार, गांधी सागर नदी में डूबने लगे 3 युवक...मौके पर दौड़ा प्रशासन और एम्बुलेंस, फिर जो हुआ उसे देख दहल गए लोग!, जाने पूरा मामला,पढ़े ये खबर

रामपुरा,(रूपेश सारू)। क्षेत्र के गांधी सागर बांध की सुरक्षा के लिए निर्मित रिंगवाल पर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक दो-तीन युवक नदी में डूबते हुए दिखाई दिए। हालांकि, यह कोई वास्तविक हादसा नहीं बल्कि जिला आपदा प्रबंधन समिति द्वारा आयोजित एक 'मॉक ड्रिल' (काल्पनिक घटना का डेमो) थी। सुबह ठीक 11:00 बजे शुरू हुए इस लाइव डेमो के जरिए प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने की अपनी तैयारियों और आपसी समन्वय को परखा।

​तैयारी ऐसी कि लगा सचमुच का हादसा है-

मॉक ड्रिल के दौरान जैसे ही युवकों के डूबने की सूचना मिली, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाई। स्थानीय आम जनता और राहत बचाव दल के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए डूब रहे युवकों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाला गया। इसके तुरंत बाद मौके पर तैनात एम्बुलेंस के जरिए उन्हें शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने त्वरित उपचार देकर उन्हें 'जीवनदान' दिया। पूरी प्रक्रिया इतनी सटीक और तेज थी कि एक बारगी वहां उपस्थित आम लोग इसे वास्तविक घटना समझने लगे।

​कंट्रोल रूम को तुरंत दें सूचना: अपर कलेक्टर-

इस अवसर पर जिला अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और राहत बचाव टीम के साथ आम जनता का तालमेल बेहतर करना है। उन्होंने अपील की कि आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए सभी नागरिक सतर्क रहें। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें, यह हम सभी का नागरिक कर्तव्य है।

​अधिकारियों ने दी राहत-बचाव की विस्तृत जानकारी-

मॉक ड्रिल के दौरान मनासा एसडीएम किरण आंजना, एसडीओपी निकिता सिंह, आपदा प्रबंधन के कमांडेंट युवराज एवं अतिरिक्त कमांडेंट पुष्पा कुंवर ने उपस्थित नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से कैसे लोगों की जान बचाई जा सकती है।

​ये रहे उपस्थित-

इस जागरूकता कार्यक्रम में तहसीलदार रामपुरा मगेंद्र सिंह सिसोदिया, थाना प्रभारी विपिन मसीह सहित जल संसाधन, मत्स्य, स्वास्थ्य, पंचायत, नगर परिषद और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही क्षेत्र के सरपंच, सचिव, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण व पत्रकार बंधु मौजूद थे। कार्यक्रम के समापन पर नगर परिषद के सीएमओ के.एल. सूर्यवंशी ने सभी विभागों और नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।