बड़ी खबर | दिल्ली तक गूंजी नागदा की आवाज़, राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र; हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर जनहित में फैसला लेने का किया आग्रह, पढ़े खबर

बड़ी खबर | दिल्ली तक गूंजी नागदा की आवाज़, राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र; हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर जनहित में फैसला लेने का किया आग्रह, पढ़े खबर

नागदा। दिल्ली–मुंबई प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर नागदा की जनता की आवाज़ अब सीधे केंद्र सरकार तक पहुंच गई है। कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नागदा बचाव संघर्ष समिति की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जनहित में उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।

1 अगस्त 2026 को जारी पत्र में राज्यपाल ने उल्लेख किया है कि नागदा प्रवास के दौरान उन्हें समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की प्रतियां प्राप्त हुई थीं। ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को नागदा शहर की घनी आबादी तथा ग्राम भगतपुरी के औद्योगिक क्षेत्र से निकाला जाना जनहित के विपरीत होगा और इससे भविष्य में शहर के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

समिति ने मांग की है कि हाई स्पीड रेल परियोजना को शहर के मास्टर प्लान एवं पूर्व में किए गए सर्वे के अनुरूप आबादी से बाहर स्थानांतरित किया जाए, ताकि आम नागरिकों, उद्योगों और भविष्य के शहरी विकास पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े। राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत ने अपने पत्र में रेल मंत्री से आग्रह किया है कि नागदा बचाव संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए जनहित और रेलवे के हितों को ध्यान में रखकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

राज्यपाल के इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद नागदा में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर चल रहे आंदोलन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अब यह मामला सीधे केंद्र सरकार के समक्ष पहुंच चुका है, जिससे समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल संभव हो सकती है।