NEWS : नीमच में गूंजा जयघोष, श्रीकृष्ण की नारायणी सेना का विस्तार, युवाओं ने थामी एकता की मशाल, इन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी, पढ़े खबर

नीमच में गूंजा जयघोष

NEWS : नीमच में गूंजा जयघोष, श्रीकृष्ण की नारायणी सेना का विस्तार, युवाओं ने थामी एकता की मशाल, इन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी, पढ़े खबर

नीमच। जहां-जहां यादव यदुवंशी हैं, वहां-वहां नारायणी सेना की गूंज होगी… हम श्रीकृष्ण के वंशज हैं, अन्याय के खिलाफ हमारी आवाज़ हमेशा गूंजेगी। इसी संकल्प के साथ नारायणी सेना का नीमच जिले में ज़बरदस्त विस्तार किया गया। प्रदेश संस्थापक सुनील यादव, प्रदेश अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव, प्रदेश प्रभारी गुरु दयाल यादव और प्रदेश कोषाध्यक्ष मुकेश यादव के नेतृत्व में जिलेभर की नई कार्यकारिणी घोषित की गई। 

जिला स्तर पर नीमच जिलाध्यक्ष हरीश अहीर, तहसील अध्यक्ष प्रकाश अहीर और नगर अध्यक्ष रोहित अहीर को बनाया गया। ग्राम स्तर पर नियुक्त अध्यक्ष धनेरिया कला बंटी अहीर पहलवान, ढोलपुरा विकास अहीर, बावल लाला अहीर, पिपलिया हाडा विकास अहीर, बरखेड़ा हाडा अभिषेक अहीर, लालपुरा बबलू अहीर, नयागांव सुंदर अहीर, मेलाना विकास अहीर, पिलखेड़ी दशरथ अहीर, हनुमंतिया व्यास प्रकाश यादव, बमोरी जगदीश अहीर, चौकान खेड़ा घनश्याम अहीर, बोरखेड़ी कला भगतराम अहीर, लोद ग्राम दीपक अहीर, भोलियायास संतोष अहीर, बरखेड़ा कमलिया मनीष अहीर

प्रदेश नेतृत्व ने साफ कहा कि, नारायणी सेना केवल संगठन नहीं, बल्कि यदुवंश यादव अहीर की ताकत है। हर युवक को अब यह संकल्प लेना होगा कि अपने समाज, अपनी विरासत और अपने कुलदेवता श्रीकृष्ण की मर्यादा के लिए आगे बढ़ें। शक्ति संगठन में है और वही संगठन समाज का भविष्य तय करता है।”

नवनियुक्त जिलाध्यक्ष हरीश अहीर ने कहा, “हमारा खून श्रीकृष्ण के वंश का है, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़ा होना हमारी रगों में है। अब नीमच जिले से लेकर हर गांव तक नारायणी सेना का डंका बजेगा। युवाओं की शक्ति से संगठन को नई ऊंचाई मिलेगी और समाज का हर व्यक्ति गर्व से कहेगा – मैं नारायणी सेना का सिपाही हूं।”

गांव-गांव से नव नियुक्त अध्यक्षों ने भी एक स्वर में संकल्प लिया कि वे हर भाई को जोड़ेंगे और नारायणी सेना को जन-जन तक पहुंचाएंगे। नीमच जिले में इस ऐतिहासिक विस्तार के बाद युवाओं में जोश है, समाज में आत्मविश्वास है और एक स्पष्ट संदेश है। नारायणी सेना अब सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि यदुवंशी यादव अहीर समाज की ढाल और तलवार है।