NEWS : जिला स्तरीय युवा उत्सव का समापन, रामपुरा महाविद्यालय के छात्रों ने फहराया जीत का परचम, इन विधाओं में प्रथम स्थान किया प्राप्त, बेहतर प्रदर्शन के लिए इन्होंने दिया मार्गदर्शन, पढ़े खबर
जिला स्तरीय युवा उत्सव का समापन
रामपुरा। जिला स्तरीय/अंतरमहाविद्यालय युवा उत्सव 2025 कार्यक्रम का समापन 4 नवंबर 2025 को ज्ञान मंदिर विधि महाविद्यालय नीमच में किया गया था। शासकीय महाविद्यालय रामपुरा के विद्यार्थियों ने पांच विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन शासकीय रा.वि. महाविद्यालय मनासा हुआ। जिसमें प्रथम स्थान कु. धानिया पड़ायपंथी B.A प्रथम वर्ष एवं बाद विवाद में कु. चेरी जागीरदार B.A तृतीय वर्ष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

ज्ञान मंदिर विधि महाविद्यालय नीमच/गायन जाजू कन्या शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच/जीरन में आयोजित जिला युवा उत्सव अंतर्गत मूक अभिनय में प्रथम स्थान कु. कमला काछवा B.A प्रथम वर्ष तथा स्किट विधा में अंकित सेन, कशिश माली, हिना माली, कमला काछवा B.A प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रंगोली विधा में कुमारी धानिया पड़ायपंथी तृतीय स्थान पर रही। एकल गायन में छात्र सोनू मालवीय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एकल गायन सुगम में छात्रा धानिया पड़ायपंथी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

इसी तारतम्भ में मिक्रिकी विधा में कुमारी कमला कछावा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंत में एकांकी विधा के पात्र छात्र /छात्राएं, अंकित सेन, धानिया पड़ायपंथी, भविष्य घावरी सुंदर रायका का योगेश, हिना माली, कशिश माली ने प्रथम स्थान प्राप्त पा कर महाविद्यालय का परचम लहराया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बलराम सोनी एवं डबकरा सर ने सभी प्रतिभागी छात्र/छात्राओं को जिला स्तरीय युवा उत्सव के प्रमाण वितरित किए और उनको, बधाई एवं शुभ कामनाएं दी। बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन दिया।

वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एन.के. डबकरा सर द्वारा छात्र/छात्राओं को कौशल अभिनय प्रस्तुति के लिए प्रेरित किया। युवा उत्सव प्रभारी मठुआ अहिरवार ने कहा कि, एकांकी, मूकाभिनय, भाषण, वाद विवाद, स्किट आदि पांचों विधाओं के प्रतिभागी संभाग स्तर पर विक्रम विश्व विद्यालयल उज्जैन में भाग लेंगे। अंत में सभी विद्यार्थियों को महाविद्यालय स्टॉफ एवं युवा उत्सव संयोजक प्राध्यापक ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। आभार युवा उत्सव प्रभारी मठुआ अहिरवार ने माना है।
