BIG NEWS : बुरी नियत से पकड़ा हाथ, तो थाने पहुंची शिकायत, अब न्यायालय का बड़ा फैसला, आरोपी गोलू को एक वर्ष का सश्रम कारावास, अर्थदण्ड से भी किया दण्डित, पढ़े खबर
बुरी नियत से पकड़ा हाथ
नीमच। श्रीमान आलोक कुमार सक्सेना, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) द्वारा बुरी नियत से हाथ पकडने वाले आरोपी गोलू उर्फ मंगल उर्फ पप्पू पिता कन्हैयालाल अहीर (35) निवासी जायसवाल कॉलोनी बघाना को भादवि की धारा 354 सहपठित धारा 3(2) (वीए) एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत 01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड तथा भादवि की धारा 506 सहपठित धारा 3 (2) (वीए) एससी/एसटी एक्ट में 1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाली एडीपीओ कीर्ति शर्मा द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 26.04.2023 को अभियोक्त्री ने महिला पुलिस थाना नीमच पर उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि वह ग्राम बर्डिया जागीर नीमच सिटी की निवासी होकर मजदूरी का कार्य करती है। वह पहले जायसवाल कॉलोनी बघाना में रहती थी। जहां उसके घर के पड़ौस में गोलू अहीर रहता था, जो उसे जानता है कि वह भील समाज की है। दो माह पूर्व से वह अपने पियर ग्राम बर्डिया जागीर रह रही है। गोलू उसे पूर्व से परेशान करता था व उससे कहता था कि उससे बात किया करे।

रविवार दिनांक 23.04.2023 की रात्रि 08ः00 बजे वह अपने घर के बाहर कुछ काम से गई थी, तब गोलू उसके पीछे-पीछे आया व आते ही उसका बुरी नियत से हाथ पकड़ लिया और उससे बोला कि वह उससे बात क्यों नहीं करती है, तब अभियोक्त्री ने उससे बोला कि वह उसका हाथ छोड़े नहीं तो वह चिल्लायेगी, तब गोलू जो उसे पहले से जानता था कि वह भील समाज की है, उसे जातिसूचक शब्द बोलकर कहने लगा कि साली भीलड़ी आदिवासी तू ज्यादा भाव खा रही है रूक मैं अभी तूझे बताता हॅू, तब अभियोक्त्री चिल्लाई तो उसकी माता उसके घर के बाहर आई, तो गोलू डर के कारण वहां से जाने लगा व जाते-जाते बोला की आज के बाद उससे बात करने के लिए मना किया, तो वह अभियोक्त्री को जान से खत्म कर देगा।

बाद में उसने उक्त सारी बात उसके पति को बताई थी। वह गोलू की धमकी से डर गई थी, जिस कारण रिपोर्ट करने नहीं आई थी। पश्चात् आज दिनांक को उसकी माता के साथ महिला थाना नीमच रिपोर्ट करने आई है, पुलिस द्वारा आरक्षी केन्द्र महिला पुलिस थाना नीमच पर अपराध क्रमांक-15/2023 पर पंजीबद्ध किया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरांत प्रकरण माननीय विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ कीर्ति शर्मा द्वारा की गई।
