NEWS: “जहां टूटी उम्मीदें, वहीं मिला नया सहारा”, नीमच शिविर में जयपुर फुट लगते ही दौड़ पड़े दिव्यांग, चेहरों पर लौटी मुस्कान, जिंदगी में फिर से लौटी रफ्तारबिना सहारे चलकर लिखी नई कहानी,पढ़े खबर
नीमच। बरसों से बैसाखियों के सहारे जिंदगी गुजार रहे और अपनों पर निर्भर दिव्यांगों के लिए शनिवार का दिन उम्मीद और आत्मविश्वास की नई सुबह लेकर आया। शहर के सीएसवी अग्रोहा भवन में अग्रवाल विकास समिति और जयपुर की भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ हुआ।
शिविर के पहले ही दिन ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब दुर्घटनाओं में अपने पैर गंवा चुके कई दिव्यांगों को मौके पर ही तैयार ‘जयपुर फुट’ लगाया गया। कृत्रिम पैर लगने के बाद जब वे बिना किसी सहारे अपने पैरों पर खड़े होकर चलने लगे तो वहां मौजूद परिजनों और स्वयंसेवकों की आंखें खुशी से नम हो गईं। कई दिव्यांगों ने वर्षों बाद पहली बार अपने पैरों पर चलने का अनुभव किया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और भावनाओं का अनूठा माहौल बन गया।
मानव सेवा के इस शिविर में दिव्यांगजनों को केवल कृत्रिम पैर ही नहीं, बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार ट्रायसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और कैलीपर्स जैसे सहायक उपकरण भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिविर में दूर-दराज से आने वाले दिव्यांगों और उनके परिजनों के लिए भोजन और ठहरने की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
अग्रवाल विकास समिति के अध्यक्ष गोपालकृष्ण गर्ग और सचिव सुनील सिंहल ने बताया कि सेवा और सहयोग की भावना से आयोजित यह शिविर 16 मार्च तक चलेगा। समिति का लक्ष्य अधिक से अधिक दिव्यांगों को कृत्रिम अंग और उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि इस शिविर के माध्यम से करीब एक हजार दिव्यांगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि शारीरिक अभाव के कारण ठहर गई उनकी जिंदगी फिर से रफ्तार पकड़ सके।