BREAKING NEWS: टोल प्लाजा की लूट पर बड़ा बवाल, किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने खोली पोल, दोगुना टैक्स, जबरन वसूली और बदसलूकी पर केंद्रीय मंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग, पढ़े खबर

BREAKING NEWS: टोल प्लाजा की लूट पर बड़ा बवाल, किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने खोली पोल, दोगुना टैक्स, जबरन वसूली और बदसलूकी पर केंद्रीय मंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग, पढ़े खबर

पिपलिया स्टेशन (निप्र) — देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित टोल प्लाजा की अव्यवस्थाओं को लेकर अब आवाज तेज हो गई है। मल्हारगढ़ क्षेत्र के किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

श्यामलाल जोकचंद ने अपने पत्र में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई FASTag प्रणाली का उद्देश्य टोल वसूली को आसान और पारदर्शी बनाना था, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था कई जगहों पर आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर अनियमितताएं, अवैध वसूली और कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। खासतौर पर नकद भुगतान करने पर दोगुना टोल वसूले जाने की व्यवस्था को उन्होंने आम जनता के लिए “दंडात्मक” बताया।

जोकचंद के अनुसार कई बार तकनीकी खराबी, नेटवर्क समस्या या अन्य कारणों से वाहन चालकों को नकद भुगतान करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद उनसे दोगुना शुल्क वसूलना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई टोल प्लाजा पर वैध और सक्रिय फास्टैग होने के बावजूद कर्मचारियों द्वारा स्कैनर खराब या फास्टैग ब्लैकलिस्ट बताकर जबरन नकद भुगतान कराया जाता है और फिर दोगुना शुल्क वसूला जाता है, जिसे उन्होंने सीधी धोखाधड़ी करार दिया।

इसके अलावा उन्होंने फास्टैग खातों से अधिक राशि कटने, एक ही टोल पर दो बार शुल्क कटने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समय पर समाधान नहीं होता, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की मुद्रा को वैध भुगतान का माध्यम बताते हुए कहा कि नकद भुगतान को दंडित करना नागरिकों के साथ असमान व्यवहार है। साथ ही टोल हेल्पलाइन 1033 की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकतर मामलों में शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता। स्थानीय मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि कई टोल प्लाजा पर आसपास के निवासियों से बार-बार शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है।

वहीं, टोल कर्मचारियों द्वारा आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।जोकचंद ने यह भी कहा कि कई टोल प्लाजा पर शुल्क सूची, नियम और उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं की जाती, खासकर हिंदी और स्थानीय भाषा में जानकारी का अभाव रहता है, जिसका फायदा उठाकर मनमानी वसूली की जाती है।

 प्रमुख मांगें:

नकद भुगतान पर दोगुना टोल शुल्क की व्यवस्था खत्म या संशोधित की जाए

जबरन नकद वसूली करने वाले टोल प्लाजा पर सख्त कार्रवाई और लाइसेंस निरस्त किए जाएं

गलत या अतिरिक्त कटौती की जांच कर उपभोक्ताओं को ब्याज सहित राशि लौटाई जाए

सभी टोल प्लाजा पर नियम, शुल्क सूची और अधिकार हिंदी व स्थानीय भाषा में प्रदर्शित किए जाएं

कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य हो

शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जाए और CCTV निगरानी बढ़ाई जाए

किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने कहा कि यह मुद्दा सीधे आम जनता की रोजमर्रा की परेशानियों और आर्थिक बोझ से जुड़ा है, इसलिए सरकार को इस पर तुरंत और सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास व्यवस्था में बना रहे।