BIG NEWS: विश्व पर्यावरण दिवस पर CM यादव का ऐलान, एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का शुभारंभ, 21 जून तक लगेंगे एक लाख पौधे, किसानों को MSP से ज्यादा दाम दिलाने, कोलारस में शुगर फैक्ट्री लगाने और सहकारी समितियों में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का दिया संदेश, पढ़े खबर

BIG NEWS: विश्व पर्यावरण दिवस पर CM यादव का ऐलान, एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का शुभारंभ, 21 जून तक लगेंगे एक लाख पौधे, किसानों को MSP से ज्यादा दाम दिलाने, कोलारस में शुगर फैक्ट्री लगाने और सहकारी समितियों में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का दिया संदेश, पढ़े खबर

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का शुभारंभ करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, किसानों की समृद्धि और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की तथा सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला के पौधे रोपकर प्रदेशवासियों को पौधारोपण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्कुलर इकॉनॉमी से जुड़े पांच कोर्स मॉड्यूल्स और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं व्यक्तियों को 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए।

इसके बाद अपेक्स बैंक मुख्यालय परिसर में आयोजित वृहद पौधरोपण महाअभियान में मुख्यमंत्री ने अशोक का पौधा लगाकर हरित सहकार अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर की सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी बैंकों और प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से एक लाख पौधे लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए सांची सहित सहकारिता आधारित मॉडल को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती और गौ आधारित कृषि को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कोलारस में शुगर फैक्ट्री स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ही नहीं बल्कि उससे अधिक कीमत भी प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश ने इस वर्ष गेहूं उपार्जन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार ने किसानों से रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है और प्रति क्विंटल 40 रुपये बोनस देकर 2625 रुपये का भुगतान किया है। सोयाबीन किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया गया है।

उन्होंने सहकारी समितियों में पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी प्राथमिक सहकारी समिति (पेक्स) में कोई अधिकारी या कर्मचारी अनियमितता करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इसका असर किसानों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा और उनके हित पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, कृषि विकास और किसानों की आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनभागीदारी के साथ हरित और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का अभियान चलाया जा रहा है।