NEWS : सुवाखेड़ा में इनरव्हील क्लब की कार्यशाला सम्पन्न, छात्र-छात्राओं से रूबरू हुए रोटेरियन सुधीन्द्र मोहन शर्मा, अहम जानकारियां की साझा, पढ़े खबर

सुवाखेड़ा में इनरव्हील क्लब की कार्यशाला सम्पन्न

NEWS : सुवाखेड़ा में इनरव्हील क्लब की कार्यशाला सम्पन्न, छात्र-छात्राओं से रूबरू हुए रोटेरियन सुधीन्द्र मोहन शर्मा, अहम जानकारियां की साझा, पढ़े खबर

नीमच। जल संरक्षण पानी के कुशल उपयोग और बर्बादी को कम करके इस कीमती संसाधन को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है। इसमें रिसाव को रोकना, नलों को जरूरत के हिसाब से चालू करना, दैनिक उपयोग हेतु संतुलित पानी, बारिश के पानी को इकट्ठा करने जैसे उपाय शमिल है। इसके अलावा वृक्षारोपण, जल संसाधनों का प्रबंधन और ड्रिप सिंचाई जैसे तकनीकी विकास के माध्यम से जल को संरक्षित रखा जा सकता है। 

इसी के साथ हमें बारिश के पानी को इकट्ठा और उसे उपयोगी बनाने के तरीकों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वर्षा जल संचयन में छत आंगन या किसी अन्य सतह से बहने वाले पानी को इकट्ठा करके उसे टैंक, तालाब या भूजल पुनर्भरण के लिये उपयोग किया जाना चाहिए। उक्त विचार भूजल अनुभवी भूजल प्रबंधन विशेषज्ञ एवं जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय नोडल अधिकारी रोटेरियन सुधीन्द्र मोहन शर्मा द्वारा अपनी गहन जानकारी साझा करते हुए इनरव्हील क्लब द्वारा आयोजित सेमीनार में ज्ञानोदय विश्वविद्यालय ग्राम सुवाखेड़ा के सभागार में छात्रों के बीच व्यक्त किए।

उक्त जानकारी प्रदान करते हुए क्लब की पूर्व अध्यक्ष डॉ़. माधुरी चौरसिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि मुख्य वक्ता श्री सुधीन्द्र मोहन शर्मा, पी.डी.सी. मिनाक्षी शर्मा, यूनिवर्सिटी चेयरमैन अनिल चौरसिया द्वारा माँ सरस्वती एवं ओलीवर गोल्डी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इनरव्हील प्रार्थना का वाचन सचिव प्रेरणा शर्मा द्वारा किया गया। स्वागत उद्बोधन अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने दिया। अतिथियों का स्वागत पीडीसी संगीता जोशी, हेमांगिनी त्रिवेदी, सिम्मी सलूजा, तृप्ति दुआ, अल्का चड्डा, सपना वर्मा एवं शारदा तौर ने किया। 

इस अवसर पर नगर के जल सभापति मीना जायसवाल, वीरेन्द्र जायसवाल, पीडीजी दर्शन सिंह गांधी, रोटेरियन डॉ. पृथ्वी सिंह वर्मा, ब्राह्मण महिला मंडल संयोजक संगीता शर्मा, मीना मानावत, इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष सुनील भारती, सचिव राजेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी, गिरीश बंसल, ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी स्टॉफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा एवं गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व अध्यक्ष सरोज गांधी ने किया एवं आभार ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी के फार्मेसी डिपार्टमेंट के प्राचार्य डॉ. मंगल सिंह पंवार ने माना।