NEWS: “हर दिल अज़ीज़ चेहरा अब यादों में… हरिप्रसाद गेहलोत को नम आंखों से दी विदाई, पिपलिया मंडी में उमड़ा जनसैलाब, पढ़े खबर
पिपलिया स्टेशन। नगर के लोकप्रिय समाजसेवी, पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस पार्षद दल के नेता प्रतिपक्ष रहे हरिप्रसाद गेहलोत का बुधवार को 58 वर्ष की आयु में अल्प बीमारी के बाद दुःखद निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे नगर में शोक की लहर छा गई और हर कोई स्तब्ध रह गया।

हरिप्रसाद गेहलोत अपने सरल, मिलनसार और सेवाभावी स्वभाव के कारण जन-जन में लोकप्रिय थे। वे हर वर्ग के लोगों के सुख-दुःख में हमेशा साथ खड़े रहते थे और सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।

उन्होंने श्मशान घाट समिति और पावागढ़ माताजी मंदिर के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि स्वयं उपस्थित रहकर कार्यों को पूरा करवाया। हाल ही में भी उन्होंने इन स्थानों पर कई आवश्यक सुविधाओं का विस्तार कराया था।

कोरोना महामारी के कठिन समय में वे एक सच्चे कोरोना योद्धा के रूप में सामने आए। उन्होंने माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को जागरूक किया और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन के बाद निकली अंतिम यात्रा में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग शामिल हुए। हर कोई नम आंखों से अपने प्रिय समाजसेवी को अंतिम विदाई देने पहुंचा।

मुक्तिधाम पर आयोजित शोकसभा में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि हरिप्रसाद गेहलोत ने अपना संपूर्ण जीवन समाजसेवा को समर्पित कर दिया था और उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। अंतिम संस्कार के दौरान उनके पुत्र अंकित गेहलोत ने मुखाग्नि दी। शोकसभा का संचालन कवि मुकेश निडर ने किया। नगरवासियों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।