BIG NEWS : “जीरन में गूंजा ‘जय श्रीराम’ का जयघोष, हनुमान जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, शोभायात्रा में दिखी भक्ति के साथ कौमी एकता की अद्भुत मिसाल, पढ़े खबर
जीरन। श्री हनुमान जन्मोत्सव शोभायात्रा समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्री हनुमान जी महाराज के पावन जन्मोत्सव पर नगर में भव्य और आकर्षक शोभायात्रा का आयोजन किया गया।

बुधवार, 01 अप्रैल को शाम 4:00 बजे श्री विजय हनुमान मंदिर (मालियों की बावड़ी) से विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था—मंदिर परिसर जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा में डीजे, ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्तिमय भजनों की स्वर लहरियां और आकर्षक धार्मिक झांकियों ने पूरे नगर को भक्ति रंग में रंग दिया। विभिन्न झांकियों में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के जीवन प्रसंगों का सजीव चित्रण किया गया, जिसे देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ती रही।

युवा, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग—सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जैसे-जैसे शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती गई, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती चली गई। नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर बालाजी महाराज का भव्य स्वागत किया। कई स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए, जहां सामाजिक संगठनों द्वारा शीतल पेय, जल एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। यह शोभायात्रा श्री विजय हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर गणपति मंदिर, बस स्टैंड मस्जिद के सामने, कामरिया मोहल्ला, गायरी मोहल्ला, चिताखेड़ा दरवाजा, सिद्धेश्वर चौक, नीम चौक, जैन मंदिर, पीपल चौक, प्रतापगढ़ दरवाजा, मंशापूर्ण महादेव मंदिर, मेरावत मंदिर और पाटीदार मोहल्ला सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां महाआरती के साथ समापन हुआ और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।

कौमी एकता की अनूठी मिसाल
इस भव्य आयोजन में सामाजिक सौहार्द की प्रेरणादायक तस्वीर भी सामने आई। हनुमान जयंती की शोभायात्रा का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्प वर्षा कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दृश्य ने पूरे नगर में भाईचारे, प्रेम और एकता का मजबूत संदेश दिया, जिसे सभी ने सराहा।

सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद
शोभायात्रा के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस बल और स्वयंसेवकों ने मिलकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा और यातायात को भी नियंत्रित किया।