BIG NEWS : एक हादसा, और मच गया कोहराम, शादी की खुशियां मातम में तब्दील, लाल जोड़े की जगह बेटी को मिला कफन, रह-रहकर कर सुनाई दें रहीं सिसकियां, पढ़े खबर

एक हादसा

BIG NEWS : एक हादसा, और मच गया कोहराम, शादी की खुशियां मातम में तब्दील, लाल जोड़े की जगह बेटी को मिला कफन, रह-रहकर कर सुनाई दें रहीं सिसकियां, पढ़े खबर

डेस्क। निशातपुरा थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड की मुल्ला कॉलोनी, करोंद की गलियों में मातम पसरा है। रह-रहकर आयशा के घर और आसपास में सिसकियां सुनाई दे रही हैं। कई दिनों से जिस घर में चहल-पहल थी, अब वहां सन्नाटा है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। आयशा के पिता अपनी बेटी की दर्दनाक मौत की सूचना पाकर बीना से शाम करीब 4 बजे हमीदिया अस्पताल पहुंचे। बेटी को देखते ही फफक कर रो पड़े। बिलखते हुए बोले- शादी के कार्ड का क्या करूं, मेरी बेटी के साथ ऐसा क्यों हुआ...? कहां चली गई मेरी फूल सी बच्ची...

कालोनी में मातम- 

इंटर्न डॉक्टर आयशा की अगले महीने 14 जून को शादी थी। आयशा के पिता जबलपुर में एक बैंक के मैनेजर हैं, और वे कार्ड बांटने सहित अन्य कार्यों के सिलसिले में सोमवार की सुबह गुना के लिए निकले थे। बीना तक पहुंचते ही उन्हें बेटी के एक्सीडेंट की सूचना मिली। उन्होंने डॉक्टर शफकतउल्ला लखनवी को कॉल किया। वे हमीदिया हॉस्पिटल पहुंचे तब तक युवती की मौत हो चुकी थी। परिजनों को पीएम के बाद बॉडी सोमवार की शाम को सुपुर्द कर दी गई। परिजन बॉडी लेकर गुना के लिए रवाना हो गए। यहां आयशा के पिता का पुश्तैनी निवास है। बॉडी को यहीं सुपुर्दे खाक किया जाएगा।

आयशा घर में बड़ी थी। उसका एक छोटा भाई भी है, जिसने हाल ही में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। डॉक्टर आयशा शादी को लेकर बेहद खुश थी। मैरिज गार्डन से लेकर कुक तक सब उन्होंने अपनी मर्जी से बुक कराया था। उसके होने वाले पति अदनान रेलवे में लोको पायलट है। आयशा और अदनान एक-दूसरे के लिए कपड़े पसंद करा रहे थे। पांच दिन बाद से आयशा छुट्टी लेने वाली थी।

हादसे के वक्त मां बांट रही थी शादी के कार्ड- 

आयशा खान की मौत से अनजान उनकी अमी, बेटी की शादी के कार्ड बांट रही थी। वह सुबह 10 बजे ही घर से निकल गयी थी। बेटी की मौत की सूचना के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

यह है पूरा मामला- 

गौरतलब है कि, राजधानी में 7 माह से बिना फिटनेस और इंश्योरेंस के दौड़ रही स्कूल बस ने बाणगंगा चौराहे पर रेड सिग्नल में खड़ी 8 गाड़ियों को रौंद दिया। इसमें हमीदिया की इंटर्न महिला डॉक्टर की मौत हो गई। तो 6 घायल हो गए, दो की हालत गंभीर है। स्कूटी से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित घर लौट रहीं इंटर्न डॉ. आयशा खान (25) टक्कर से उछलकर गिरीं और बस में अगले हिस्से में फंस गईं। बस 50 फीट घसीट ले गई। बस के नीचे आने से उनकी मौत हो गई। मजदूर रईस व फिरोज गंभीर हैं। घटना के बाद परिवहन विभाग जागा और बस का रजिस्ट्रेशन रद्द कर स्कूल को नोटिस थमाया। इसके बाद संभागायुक्त संजीव सिंह ने आरटीओ जितेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया, गाड़ी मालिक और चालक पर केस दर्ज किया है। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी है। लेकिन ड्राइवर फरार है।

दोपहर दो बजे बाणगंगा चौराहे पर रेड सिग्नल था। 10 से 12 गाड़ियां सिग्नल के ग्रीन होने का इंतजार कर रही थी। तभी रोशनपुरा चौराहे से आ रही स्कूल बस का ब्रेक फेल हो गया। बस ढलान पर लहराती हुई आई। ड्राइवर हटो-हटो… चिल्लाता रहा। लोग उसकी बात समझ पाते, बेकाबू बस सिग्नल पर खड़ी 8 गाड़ियों को रौंदते निकल गई। आगे जाकर बस पहले डिवाइडर, फिर कार से भिड़ी। तीन बार टक्कर के बाद बस की गति कम हुई तो डिवाइडर से टकराकर रुक गई।