NEWS : मनासा में पुलिस का एक्शन,ड्रग नेटवर्क बेनकाब,40 लाख की एमडी जब्त,6 थानों की 10 टीमों ने की संयुक्त दबिश, एक आरोपी फरार,एमडी निर्माण के 150 किलो के अभिलेख, नोट गिनने की मशीन भी मिली,पढ़े ये खबर
मनासा में पुलिस का एक्शन,ड्रग नेटवर्क बेनकाब,40 लाख की एमडी जब्त,6 थानों की 10 टीमों ने की संयुक्त दबिश, एक आरोपी फरार,
मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान में नीमच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मनासा थाना क्षेत्र के ग्राम खेडी दायमा में पुलिस ने दबिश देकर सिंथेटिक ड्रग निर्माण और भंडारण का बड़ा अड्डा उजागर किया है। कार्रवाई में करीब 40 लाख रुपए मूल्य की ड्रग, केमिकल और उपकरण जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन में जिलेभर में चलाए जा रहे अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया एवं एसडीओपी निकिता सिंह के मार्गदर्शन में 6 थानों की 10 पुलिस टीमों का गठन किया गया था।

मुखबिर की सूचना पर मकान में दबिश----
दिनांक 16 जनवरी 2026 को थाना मनासा पुलिस ग्रामीण क्षेत्र में फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम खेडी दायमा के एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना पर पुलिस ने तत्काल दबिश दी, जहां से राहुल दायमा और गोविंद दायमा को मौके से पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को सिंथेटिक ड्रग, एमडी बनाने का रॉ मटीरियल, केमिकल, नोट गिनने की मशीन और इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे बरामद हुए। मौके से एमडी निर्माण से जुड़े 150 किलो के विशेष अभिलेख भी जब्त किए गए, जिससे बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।

एक आरोपी फरार, तलाश जारी---
इस मामले में तीसरा आरोपी प्रकाश दायमा फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। थाना मनासा में अपराध क्रमांक 31/26 अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, 8/20, 8/22, 8/28 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

क्या-क्या हुआ जब्त----
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सिंथेटिक ड्रग (एमडी) – 585 ग्राम (कीमत ₹8.60 लाख)
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एमडी का रॉ मटीरियल – 30 किलो (कीमत ₹30 लाख)
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नशीली गोलियां – 60 नग
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डोडाचूरा – 2 किलो
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गांजा – 450 ग्राम
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नोट गिनने की मशीन
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छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे
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एमडी निर्माण के 150 किलो के विशेष अभिलेख
इनकी रही अहम भूमिका----
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक श्याम कुमावत, सउनि दिलीप कलमोदिया, प्रआर अकीब मेव, मनोहर बैरागी, राघवेंद्र सिंह, आरक्षक कुशलपाल जाट, विनोद भाटी, पिंकेश, अंकित जोशी और महिला आरक्षक सपना शक्तावत की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रग नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच को और विस्तारित किया जाएगा, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।