NEWS-29 से 31 जनवरी तक सीतामऊ में होगा द्वितीय साहित्य महोत्सव अभिनेता रघुबीर यादव करेंगे शुभारंभ, नेचर सेंसस का होगा विमोचन.पढ़े खबर

29 से 31 जनवरी तक सीतामऊ में होगा द्वितीय साहित्य महोत्सव अभिनेता रघुबीर यादव करेंगे शुभारंभ

NEWS-29 से 31 जनवरी तक सीतामऊ में होगा द्वितीय साहित्य महोत्सव अभिनेता रघुबीर यादव करेंगे शुभारंभ, नेचर सेंसस का होगा विमोचन.पढ़े खबर

मंदसौर | सीतामऊ में 29 से 31 जनवरी तक तीन दिवसीय द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन सीतामऊ स्थित नटनगर शोध संस्थान परिसर में होगा। महोत्सव को लेकर बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी।


कलेक्टर ने बताया कि यह साहित्य महोत्सव अब “नॉलेज कुंभ” के रूप में पहचान बना रहा है। आयोजन आमजन के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। इसमें इतिहास, साहित्य, संस्कृति, कला और स्थानीय विरासत पर विशेष फोकस किया गया है। महोत्सव के माध्यम से शोध, ज्ञान और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया जाएगा।
महोत्सव में नेचर वॉक, रिवर सफारी, बर्ड वॉचिंग और जंगल सफारी जैसी गतिविधियाँ आयोजित होंगी। बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं। स्थानीय कवियों और प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा। 30 जनवरी की शाम भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।


इस दौरान स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा तारामंडल से जुड़ी गतिविधियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। विद्यार्थियों के स्टॉल में पुस्तकें, पेंटिंग, स्थानीय हस्तशिल्प, दुपट्टे, रुमाल और खाद्य सामग्री उपलब्ध रहेगी। महोत्सव में पहली बार “नेचर सेंसस” का विमोचन किया जाएगा। साथ ही मंदसौर में पूर्व में हुए साहित्य आयोजनों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
रघुबीर यादव करेंगे उद्घाटन
तीन दिवसीय आयोजन का शुभारंभ प्रसिद्ध अभिनेता व संगीतकार रघुबीर यादव करेंगे, जो वेब सीरीज पंचायत में ‘प्रधान जी’ की भूमिका से लोकप्रिय हैं। प्रमुख वक्ताओं में अर्थशास्त्री संजीव सान्याल, पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी, कवि आलोक श्रीवास्तव, हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी, लेखक जेरी पिंटो, पत्रकार रुबीका लियाकत सहित कई राष्ट्रीय स्तर की हस्तियां शामिल होंगी।


ये होंगी प्रमुख गतिविधियाँ
चंबल नदी सफारी, पक्षी अवलोकन, मगरमच्छ दर्शन, अफीम व क्विनोआ क्षेत्र भ्रमण, सीतामऊ किले का विरासत भ्रमण, शहनाई व तबला वादन, जासु मंगानियार व कबीर स्टूडियो की संगीतमय प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
कलेक्टर ने जिलेवासियों और साहित्यप्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में शामिल होकर सीतामऊ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का अनुभव करें