BREAKING NEWS :"जीरन में आखिर किस बात ने मचा दिया हड़कंप? क्यों सैकड़ों किसान पहुंचे विधायक के दरबार में, किस प्रस्ताव ने बढ़ा दी जमीन, बगीचों और खेती को लेकर बड़ी चिंता?", क्या है पूरा मामला पढ़े ये खबर
जीरन। जीरन तालाब के वेस्टवियर (निकासी द्वार) की ऊँचाई बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर विधायक दिलीपसिंह परिहार को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि वेस्टवियर की ऊँचाई बढ़ाई गई तो इसका खामियाजा सैकड़ों किसान परिवारों को भुगतना पड़ेगा। उनकी सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि डूब क्षेत्र में चली जाएगी, संतरे के बगीचे उजड़ जाएंगे और करोड़ों रुपये की फसलें पानी में समा जाएंगी।

किसानों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में जीरन तालाब का वेस्टवियर जितनी ऊँचाई पर है, वह सिंचाई व्यवस्था के लिए पूरी तरह पर्याप्त है। इसके बावजूद हर वर्ष तालाब किनारे स्थित निजी कृषि भूमि में जलभराव की स्थिति बनती है, जिससे फसलों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि इसकी ऊँचाई और बढ़ा दी गई तो हालात और भी भयावह हो जाएंगे।

ज्ञापन में बताया गया कि तालाब के पश्चिम एवं दक्षिण दिशा में स्थित सैकड़ों किसानों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि स्थायी रूप से डूब क्षेत्र में आ सकती है। क्षेत्र के प्रसिद्ध संतरे के बगीचे पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर पहुंच जाएंगे और किसानों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए बगीचे कुछ ही समय में समाप्त हो सकते हैं।

किसानों ने यह भी बताया कि कई छोटे और सीमांत किसानों के पास खेती के लिए दूसरी कोई जमीन उपलब्ध नहीं है। यदि उनकी कृषि भूमि डूब में चली गई तो उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो जाएगा और कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

ज्ञापन में एक और गंभीर चिंता जताते हुए किसानों ने कहा कि यदि वेस्टवियर की ऊँचाई बढ़ाई गई तो हरवार से नीमच जाने वाला पुराना आड़ा मार्ग, जो ग्राम अघोरिया-जीरन की सीमा से होकर गुजरता है, उसके आसपास के खेतों तक भी पानी पहुंच सकता है। इससे अघोरिया के किसानों की फसलें भी प्रभावित होंगी और खेती को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों ने विधायक से मांग की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। जब तक सभी किसानों की सहमति और उचित समाधान नहीं निकलता, तब तक जीरन तालाब के वेस्टवियर की ऊँचाई बढ़ाने का कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।

इस संबंध में किसानों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर नीमच तथा जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को भी भेजी है, ताकि प्रशासन इस मामले में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय ले सके।