BIG NEWS: नीमच जेल से छूटने के बाद फिर तस्करी की दुनिया में लौटा हिस्ट्रीशीटर... आधी रात हाईवे पर एएनटीएफ से मुठभेड़, गोलियों के बीच हुआ खूनी अंत, पढ़े खबर
नीमच/भीलवाड़ा। मध्य प्रदेश की नीमच जेल से हाल ही में रिहा हुआ जोधपुर का हिस्ट्रीशीटर गणपत जाट एक बार फिर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय हो गया। लेकिन उसकी यह वापसी ज्यादा लंबी नहीं चली। बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात राजस्थान के भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीम से हुई मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि प्रतापगढ़ की ओर से अफीम डोडा चूरा से भरी एक कार जोधपुर की तरफ जा रही है। सूचना के आधार पर पुर थाना क्षेत्र के हजारी खेड़ा के पास हाईवे पर नाकाबंदी की गई। देर रात संदिग्ध कार को रुकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला।

एएनटीएफ की टीम ने कार का पीछा किया। इसी दौरान तस्करों ने पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जोधपुर के डांगियावास थाना क्षेत्र के रामड़ावास निवासी गणपत जाट (35) गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

कार में सवार उसका साथी महेंद्र गोदारा, निवासी भोपालगढ़ (जोधपुर), भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन एएनटीएफ के जवानों ने घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी का भीलवाड़ा जिला अस्पताल में उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। भीलवाड़ा एसपी सागर राणा, एएसपी राजेश आर्य सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

भीलवाड़ा एएसपी राजेश आर्य ने बताया कि एएनटीएफ के चौकी प्रभारी अयुब्ब मोहम्मद अपनी टीम के साथ नाकाबंदी कर रहे थे। चित्तौड़गढ़ की ओर से आ रही संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसमें सवार तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में एक तस्कर की मौत हो गई। कार से अफीम डोडा चूरा भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गणपत जाट जोधपुर का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में 14 आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल ही में वह नीमच जेल से रिहा हुआ था और बाहर आते ही फिर से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय हो गया था। अब पुलिस पूरे नेटवर्क और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।