BREAKING NEWS: खेत तक पहुंचने का रास्ता अचानक बंद… जेसीबी से खोदी 25 फीट की खाई! महिला की शिकायत ने खड़े किए कई सवाल, जातिसूचक गाली और जान से मारने की धमकी का भी लगा आरोप, पढ़े खबर
पिपलियामंडी। खेत तक जाने वाला वर्षों पुराना रास्ता अचानक बंद किए जाने के आरोप ने ग्राम बेलारा में विवाद को तूल दे दिया है। ग्राम निवासी पवनबाई सोलंकी ने पिपलियामंडी पुलिस चौकी में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने वाले रास्ते पर जेसीबी से गहरी खाई खोदकर आवागमन रोक दिया गया। महिला ने शिकायत में गाली-गलौच, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं।

जमीन खरीदी, नामांतरण हुआ… फिर रास्ते को लेकर विवाद
शिकायत के मुताबिक पवनबाई ने 29 जून 2026 को ग्राम बेलारा में खसरा नंबर 250/2/2 और 246/2/1 की कृषि भूमि रजिस्ट्री के जरिए खरीदी थी। इसके बाद 10 जुलाई को भूमि का नामांतरण भी उनके नाम होने की बात शिकायत में कही गई है।
महिला का दावा है कि रजिस्ट्री में खेत तक पहुंचने का रास्ता बेलारा-डीकनिया रोड से दक्षिण दिशा में पैतृक भूमि से होकर बताया गया है। उनका कहना है कि इसी रास्ते से करीब 25 से 30 वर्षों से आवागमन होता रहा है।

जेसीबी पहुंची और रास्ते में खोद दी गहरी खाई
पवनबाई ने शिकायत में आरोप लगाया कि जमीन खरीदने के बाद से कुछ लोग उन्हें खेत पर जाने से रोक रहे हैं। शिकायत में बंसीलाल बलाई, नरेंद्र, प्रभुलाल बलाई की पत्नी, विष्णुलाल बलाई, उनकी पत्नी और पुत्र अनिल बलाई सहित अन्य लोगों के नाम का उल्लेख किया गया है।
महिला के अनुसार 1 अगस्त की सुबह जेसीबी मशीन से रास्ते में करीब 20 से 25 फीट लंबी, 6 से 7 फीट चौड़ी और 5 से 7 फीट गहरी खाई खोद दी गई। इससे खेत तक पहुंचने का रास्ता बाधित होने का आरोप लगाया गया है। महिला ने घटना से संबंधित फोटो और वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराने की बात भी कही है।

रास्ता रोकने के साथ धमकी देने का भी आरोप
शिकायत में पवनबाई ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को खेत पर जाते समय रास्ता रोककर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और गाली-गलौच किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
महिला ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, खेत तक जाने का रास्ता खुलवाने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। रास्ते का अधिकार, जमीन की स्थिति और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन जांच के दौरान किया जाएगा।