BREAKING NEWS: ₹4 लाख का चेक… फिर कोर्ट में पहुंचा मामला! संगीता राजपूत को लगा बड़ा झटका, अपील खारिज होते ही 6 माह की सजा पर मुहर, पढ़े खबर

BREAKING NEWS: ₹4 लाख का चेक… फिर कोर्ट में पहुंचा मामला! संगीता राजपूत को लगा बड़ा झटका, अपील खारिज होते ही 6 माह की सजा पर मुहर, पढ़े खबर

नागदा। ₹4 लाख के चेक से जुड़े मामले में संगीता पति गोविंद सिंह राजपूत की मुश्किलें कम नहीं हुईं। अपर सत्र न्यायालय नागदा ने उनकी ओर से पेश की गई अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के निर्णय को कायम रखा है। मामले में 6 माह के सश्रम कारावास के साथ प्रतिकर राशि जमा करने का आदेश भी बरकरार है।

यह प्रकरण सुरेन्द्र सिंह पिता सोहनसिंह, निवासी आदर्श गांधीग्राम कॉलोनी, नागदा की ओर से लगाए गए परिवाद से संबंधित है। न्यायालयीन दस्तावेजों के मुताबिक लेन-देन के तहत ₹4 लाख के भुगतान के लिए संगीता ने 12 नवंबर 2018 को चेक क्रमांक 093817 जारी किया था। बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हो सका।

निचली अदालत ने सुनाई थी सजा

मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत संगीता को दोषी माना था। अदालत ने उन्हें 6 महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ₹4 लाख की मूल राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की गणना करते हुए कुल ₹6.34 लाख प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया था।

आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित प्रतिकर राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त 3 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

अपीलीय अदालत ने नहीं मानी दलीलें

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ संगीता ने अपर सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रसेन मुवेल ने 7 अगस्त 2026 को मामले की सुनवाई के बाद रिकॉर्ड और निचली अदालत के निर्णय का परीक्षण किया।

अपीलीय अदालत को निचली अदालत के फैसले में कोई ऐसी कानूनी त्रुटि नहीं मिली, जिसके आधार पर सजा में हस्तक्षेप किया जा सके। इसके चलते अपील निरस्त कर दी गई और दोषसिद्धि के साथ 6 माह की सजा भी बरकरार रखी गई।

अब ₹6.34 लाख प्रतिकर की जिम्मेदारी

अदालत के इस आदेश के बाद संगीता राजपूत के खिलाफ निचली अदालत द्वारा लगाया गया ₹6.34 लाख प्रतिकर और 6 माह के सश्रम कारावास का आदेश प्रभावी बना हुआ है। प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी आदेश में कायम है।